अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा चोरी की फिर होगी जांच, सुप्रीम कोर्ट ने दिया नई SIT गठन का आदेश

चढ़ावा चोरी

आरयू वेब टीम। अयोध्या राम मंदिर से करोड़ों की चढ़ावा चोरी केस की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में हुई। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) के गठन का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि जांच कानून के दायरे में आगे बढ़नी चाहिए, इसके अलावा यह भी कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का राजनीतिकरण भी नहीं होना चाहिए।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि फिलहाल मामले की जांच कौन कर रहा है। इस पर योगी सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि पुलिस अभी जांच कर रही। पहले गठित एसआईटी ने केवल प्रथम दृष्टया जांच की थी, फिलहाल नियमित जांच पुलिस के पास है। इस पर सीजेआइ सूर्यकांत ने पूछा कि क्या एसआईटी का दोबारा गठन किया जा सकता है? सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दिया कि सरकार को इसमें कोई आपत्ति नहीं है।

यह भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच पूरी नहीं कर सकी SIT, 15 दिन का मिला और समय

वहीं सीजेआइ ने ये भी कहा कि पहले गठित एसआईटी में जिम्मेदार अधिकारी शामिल थे। इस पर एसजी ने बताया कि उस टीम में दो आईएएस अधिकारी भी थे। सुनवाई के दौरान एक वकील के हस्तक्षेप करने पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा, यह स्थान राजनीति के लिए नहीं है। साथ ही दोहराया कि मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से होनी चाहिए और इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट का ट्रस्ट व भाजपा सरकारों को नोटिस, SIT को रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक सामान्य आपराधिक अपराध का मामला है और जांच एजेंसी को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि जांच में सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया है। अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। उस दिन उत्तर प्रदेश सरकार को एसआईटी के गठन और जांच की वर्तमान प्रगति पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी।

यह भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर रविदास मेहरोत्रा ने की योगी आदित्‍यनाथ से इस्‍तीफे और मामले की न्यायिक जांच की मांग