आरयू वेब टीम। विपक्ष के भारी विरोध के बाद भी मोदी सरकार ने मनरेगा की जगह विकसित भारत-जी राम जी’ विधेयक को लोकसभा में पास कर दिया। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी रविवार को ‘विकसित भारत-जी राम जी’ विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
दरअसल केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, ये नया विधेयक ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा को और मजबूत करना है, साथ ही टिकाऊ और उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देना है। मंत्रालय का कहना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और समावेशी व संतुलित विकास को नई दिशा मिलेगी।
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कानून के प्रावधानों के तहत इच्छुक ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की वैधानिक जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा मजदूरी भुगतान को लेकर भी सख्त नियम तय किए गए हैं। प्रावधान के अनुसार मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। अगर तय समयसीमा के अंदर भुगतान नहीं होता है, तो संबंधित लाभार्थियों को देरी के लिए मुआवजा देने का भी स्पष्ट प्रावधान कानून में शामिल किया गया है।




















