योगी की कैबिनेट में 27 प्रस्तावों को मंजूरी, शाहजहांपुर का ‘जलालाबाद अब कहलाएगा परशुराम पुरी’

यूपी कैबिनेट
यूपी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते सुरेश खन्ना व अन्य।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। इस प्रस्ताव के तहत शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने के फैसले की रही। सरकार ने इस तहसील का नया नाम ‘भगवान परशुराम पुरी’ रखने को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति दी, जबकि एक प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखा गया।

बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी। जिसमें बताया कि कैबिनेट के फैसले के बाद शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील अब आधिकारिक तौर पर ‘भगवान परशुराम पुरी’ के नाम से जानी जाएगी। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब इस नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। ये फैसला प्रदेश में विभिन्न स्थानों के नाम परिवर्तन की श्रृंखला का एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में जिन प्रस्तावों पर मुहर लगी है, उनमें गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे। इसके अलावा यूपी में कैशलेस इलाज की सुविधा को भी मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत यूपी के करीब 1.60 लाख से ज्यादा होम गार्ड्स उनके आश्रित परिजनों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए फ्री जमीन के आवंटन प्रक्रिया को भी मंजूर कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में 50 प्रतिशत सीटें बच्चों के लिए आरक्षित रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के तहत ये फैसला किया गया है।

• कैबिनेट में प्रदेश में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इन नीतियों के लागू होने से प्रदेश में नए निवेश आकर्षित होंगे, स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

• वहीं पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों, डेयरी संचालकों तथा पशुपालकों के पशुओं का बीमा कराया जाएगा। यदि किसी महामारी, दुर्घटना, विकलांगता या मृत्यु जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो बीमा के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने इस योजना को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने का निर्णय लिया है।

• उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए कैबिनेट ने प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी स्वीकृति दी। इनमें कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय तथा गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल है। सरकार का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

• बैठक में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन में संशोधन सहित कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कई नीतिगत फैसलों पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई, जिन्हें जल्द लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

• इस दौरान जहां अधिकांश प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई, वहीं मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से जुड़े प्रस्ताव पर फिलहाल फैसला नहीं लिया गया। यह प्रस्ताव कैबिनेट के एजेंडे में शामिल था, लेकिन चर्चा के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। सरकार ने इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है और भविष्य में इस पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

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• पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी।

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