आरयू ब्यूरो, लखनऊ। कमीशन की लालच में गरीब मरीजों की दवा के दुकानदारों से जेब कटवाने वाले सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ आखिरकार लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगांह टेढ़ी हो ही गयी है। लगातार सामने आ रहीं शिकायतों के बाद सीएमओ डॉ. एन.बी. सिंह ने आज सरकारी डॉक्टरों को सुधरने की चेतावनी देते हुए कहा है कि बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसे लेकर विभाग गंभीर: NB सिंह
इसके लिए सीएमओ ने शुक्रवार को लखनऊ के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मीडिया से दावा किया है कि सरकार की मंशा है कि समाज के हर तबके के व्यक्ति को समय से स्वास्थ्य सेवाएं और उचित दामों पर दवाएं मिलें। इसे लेकर विभाग गंभीर है, इसी क्रम में यह निर्देश दिए जा रहे हैं।
जरूरी हो तो जेनेरिक दवा ही लिखे
सीएमओ ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में 200 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध हैं। इसलिए कोई भी डॉक्टर किसी भी मरीज को बाहर की दवा कतई न लिखे, अगर आवश्यक है तो जेनेरिक दवा ही लिखे।
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इसके साथ ही दवा का प्रिस्क्रिप्शन अस्पताल के पर्चे पर ही लिखें। सादी पर्ची पर और बाहर की दवा लिखने वाले चिकित्सकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर गायब मिला तो अधीक्षक जिम्मेदार
इसके अलावा सीएमओ ने अपने निर्देश में आज यह भी कहा है कि डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्रों पर समय से आएं और अपनी सेवाएं दें। यदि कोई चिकित्सक अनुपस्थित मिलता है तो उक्त अस्पताल के अधीक्षक जिम्मेदार होंगे।




















