बागी राघव चड्ढा को संजय सिंह का जवाब, “वोट का अधिकार छीनने और चुनाव आयोग के दुरुपयोग पर नहीं बोला एक शब्‍द”

संजय सिंह
संजय सिंह। (फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। आम आदमी पार्टी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रही तल्खी खुलकर सामने आ गई है। आप के बागी राघव चड्ढा को ‘डिप्टी लीडर’ पद से हटाने और सदन में उनके बोलने पर पाबंदी लगाने के पार्टी के फैसले के बाद, अब ‘आप’ के कद्दावर नेता संजय सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। राघव के वीडियो का जवाब देते हुए संजय सिंह ने भी उन पर पार्टी लाइन से भटकने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ‘मौन’ रहने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

संजय सिंह ने राघव चड्ढा को ‘नसीहत’ देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति का आधार ही संघर्ष और निडरता है, जो राघव के आचरण में नहीं दिख रहा। संजय सिंह ने दावा किया कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा रहा था, तब राघव चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लोगों के वोट के अधिकार छीने जाने और दिल्ली में चुनाव आयोग के दुरुपयोग पर राघव ने एक शब्द नहीं बोला।

साथ ही कहा कि राघव “आप पंजाब से आते हैं, लेकिन जब केंद्र की मोदी सरकार पंजाब के अधिकार छीनती है, तब आप खामोश रहते हैं।” इस दौरान संजय सिंह ने राघव चड्ढा की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि वह जनहित और कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर बात नहीं करते। “गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को मारा-पीटा गया, उन पर फर्जी केस हुए, लेकिन राघव चड्ढा चुप रहे। जब पूरी पार्टी सदन से वॉकआउट करती है, तब राघव वॉकआउट भी नहीं करते। आखिर पीएम मोदी के खिलाफ आवाज उठाने में उन्हें क्या डर है?” वहीं संजय सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि देश और पार्टी के लोग उनकी इस खामोशी और विपक्षी एकता से दूरी का जवाब चाहते हैं।

मालूम हो कि सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया है। साथ ही कहा कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने से रोका जा रहा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह आम आदमी के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

यह भी पढ़ें-  AAP ने राज्यसभा में छीना राघव चड्ढा का पद, सचिवालय को नोटिस भेजकर कहा, उन्हें न दें बोलने

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में चड्ढा ने खुद को तानाशाही नीतियों का विरोधी साबित करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया है। एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा हो, या फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे स्विग्गी और जोमैटो के डिलीवरी कर्मचारियों से जुड़ी समस्याएं- इन सभी विषयों को उन्होंने गंभीरता से उठाया। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में आ रही दिक्कतें और टोल प्लाजा पर आम लोगों को हो रही परेशानियों को भी उन्होंने संसद में बार-बार उठाया। राघव का आरोप है कि अब उनकी ही पार्टी उन्हें इन मुद्दों को उठाने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि आम आदमी के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी आखिर क्यों जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

यह भी पढ़ें- संजय सिंह ने कहा, असली मुद्दों से ध्‍यान हटाने के लिए धार्मिक तनाव फैलाना ही भाजपा का एजेंडा, साजिशों से जनता रहे सावधान