आरयू वेब टीम। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के आरोपों की सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को दो सप्ताह के अंदर जांच शुरू करने का आदेश दिया है। साथ ही अरुणाचल प्रदेश सरकार को इन ठेकों से संबंधित सभी दस्तावेज सीबीआइ को उपलब्ध कराने को कहा है। जांच एजेंसी को अपनी रिपोर्ट 16 सप्ताह के अंदर अदालत में जमा करनी होगी।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के मामले में सीबीआइ या एसआइटी जांच की मांग वाली याचिका पर 17 फरवरी 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अरुणाचल प्रदेश का यह मामला 1,270 करोड़ रुपये से अधिक के ठेकों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है, जो खांडू के रिश्तेदारों को दिए गए थे।
जनहित याचिका में आरोप है कि पिछले एक दशक में पेमा खांडूके परिवार (पत्नी त्सेरिंग डोल्मा, बेटे ताशी खांडू आदि) से संबंधित चार कंपनियों को 380 करोड़ रुपये से अधिक के 146 ठेके (कुछ रिपोर्टों के अनुसार 1,270 करोड़) दिए गए, जो भ्रष्टाचार का संकेत है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि राज्य पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। राज्य सरकार ने बिना टेंडर के ठेके देने का बचाव करते हुए कहा है कि यह विकास के लिए आम बात है। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए, 2015 से 2025 तक के सभी ठेकों का विवरण मांगा था।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सीबीआइ एक प्रारंभिक जांच दर्ज करेगी। इसमें नवंबर 2015 से 2025 तक के अवार्ड और उनके क्रियान्वयन को शामिल किया जाएगा। इस निर्धारित अवधि के बाहर के अवार्ड की जांच करने पर कोई रोक नहीं होगी। राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर इस आदेश का पालन करेगी।
मुख्य सचिव सीबीआइ के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सीबीआइ के साथ रिकॉर्ड साझा करने का कार्य समय पर पूरा हो। सीबीआइ 16 सप्ताह के भीतर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी, जिसमें यह बताया जाएगा कि क्या एक स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।




















