भर्ती नहीं होने से नाराज आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों ने घेरा राज्यमंत्री का आवास, लगाएं योगी बाबा न्‍याय दो के नारे

आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट
मंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करते आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अभ्‍यर्थी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। दो साल तक कोर्ट की लड़ाई के बाद भी परीक्षा की तारीख और सिलेबस घोषित नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों के सब्र का बांध आज टूट गया। आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के नाराज अभ्यर्थियों ने लखनऊ में गुरुवार को आयुष राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। आवास का घेराव कर योगी बाबा न्याय दो, परीक्षा तिथि घोषित हो जैसे जमकर नारे लगाए। प्रदर्शन की सूचना लगने पर पुलिस वहां पहुंच गई और अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन पहुंचाया।

जानकारी के मुताबिक आज भारी संख्या में अभ्यर्थी हजरतगंज स्थित डालीबाग में आयुष राज्यमंत्री के घर के बाहर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि साल 2024  में भर्ती आई थी। वैकेंसी का फॉर्म भरवाने के बाद मामला कोर्ट में चला गया। दो साल तक कोर्ट में लड़ाई लड़ी, जिसके बाद फैसला उनके हक में आया। अब सरकार से हमारी मांग है कि तत्काल परीक्षा की तारीख और सिलेबस घोषित कर दिया जाए। कोर्ट से न्याय मिलने के बाद किसी भी तरीके की देरी अभ्यर्थियों के लिए नुकसान वाली होगी। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस की अभ्यर्थियों से नोकझोंक भी हुई। जिसके बाद पुलिस ने सभी को जबरन हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।

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वहीं प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपना दर्द बयान करते हुए  कहा कि हम लोग बेहद गरीब परिवार से आते हैं। पूरे परिवार की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। माता-पिता को हमसे बहुत उम्मीदें हैं और हमें इस नौकरी से अगर नौकरी नहीं मिली तो स्थिति दयनीय हो जाएगी, इसलिए आज हम लोग मंत्री दयाशंकर मिश्र के आवास पर यह गुहार लगाने आए हैं कि हम सभी आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के साथ न्याय करते हुए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और एग्जाम की तारीख घोषित हो।

इस दौरान मीडिया से बातचीत में एक अभ्यर्थी ने बताया कि पूरे प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के लगभग 60 प्रतिशत पद खाली हैं। सरकार की ओर से 1002 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जबकि कुल स्वीकृत पद करीब 2100 हैं। इनमें से लगभग 1200 पद अब भी रिक्त पड़े हैं। 2024 वाली वैकेंसी में भी अप्लाई किया, उसके बाद वैकेंसी कोर्ट चली गई।

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