BJP से अलग हुए के. अन्नामलाई, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार किया इस्तीफा

अन्नामलाई
के. अन्नामलाई। (फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिससे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही अन्नामलाई का भाजपा के साथ लंबे समय का जुड़ाव अब समाप्त हो गया है।

भाजपा की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में पुष्टि की गई है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बीजेपी के अनुसार, अन्नामलाई ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब के. अन्नामलाई ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी। चर्चा है कि इस दौरान पार्टी आलाकमान ने पूर्व आइपीएस अधिकारी अन्नामलाई से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह भी किया था, लेकिन बातचीत के बावजूद इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफा देने के बाद के. अन्नामलाई अब अपनी अगली राजनीतिक पारी को लेकर चर्चा में हैं।

दरअसल अन्नामलाई ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में न तो चुनाव लड़ा और न ही सक्रिय प्रचार में हिस्सा लिया। हाल ही में चेन्नई और कोयंबटूर में उन्हें ‘थलाइवर’ बताने वाले पोस्टर लगाए गए थे, जिससे अटकलें तेज हो गई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक अन्नामलाई का मानना था कि एआईएडीएमके के साथ गठबंधन का भाजपा को कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि 2024 में जो वोट शेयर 11 प्रतिशत था, वह 2026 के चुनावों में घटकर महज तीन प्रतिशत रह गया। इसी असंतोष के चलते उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया।

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करियर की बात करें तो साल 2020 में आइपीएस की नौकरी छोड़ने के बाद के. अन्नामलाई भाजपा में शामिल हुए थे। उनके समर्थक उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से बुलाते थे। साल 2021 में उन्हें एल. मुरुगन की जगह तमिलनाडु भाजपा की कमान सौंपी गई थी। उनके नेतृत्व में पार्टी ने एआईएडीएमके से गठबंधन तोड़ा और फिर हालिया विधानसभा चुनावों के लिए दोबारा साथ आई।

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