आरयू ब्यूरो, लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 21 बेगुनाहों की जान लेने वाले अग्निकांड के बाद मौके के हालात को देखते हुए सूबे की राजधनी लखनऊ में भी कुछ विभागों के अधिकारी हरकत में आ गये हैं। इसी क्रम में लखनऊ विकास प्राधिकरण के अफसर अग्निशमन अधिकारियों को साथ ले यहां के होटल, गेस्ट हाउस, मॉल, अस्पताल, रेस्टूरेंट व कॉम्पेक्स समेत अन्य बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी के मानकों के साथ ही बिल्डिंग वैध है या अवैध इसकी भी जांच करेंगे। ऐसे में बिल्डिंग व कागजों में कमी मिलने पर आपको एलडीए व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों द्वारा बताए गये मानक-शर्तों पर खरा उतरने के लिए जतन करना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें- घर के पड़ोस में LDA इंजीनियरों ने बनवा दिया छह मंजिला अवैध अपार्टमेंट, ध्वस्तीकरण आदेश के बाद फाइल गायब, बुजुर्ग ने जनता अदालत में लगाई VC से गुहार
चेकिंग अभियान से पहले शुक्रवार को एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने प्राधिकरण के प्रवर्तन व अग्निशमन विभाग के सीएफओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। जिसमें उन्होंने बहुमंजिला इमारतों में जांच के लिए टीम गठित करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।
यह भी पढ़ें- पेमेंट डिटेल होगी ऑनलाइन अपडेट, LDA VC ने रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर बाबू को किया निलंबित, पुरानों की भी हुई वापसी
बैठक के बाद वीसी ने कहा कि शहर में विभिन्न व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा होटल, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम, मॉल, व्यावसायिक कॉम्पलेक्स आदि का संचालन किया जा रहा। जिसके लिए प्राधिकरण भवन मानचित्र पास करता है। वहीं, भवनों में आग से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों की निगरानी व अनापत्ति अग्निशमन विभाग जारी करता है। हाल ही में बहुमंजिला इमारतों में हुई अग्नि जनित घटनाओं के दृष्टिगत यह जरूरी है कि दोनों विभाग एक साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच करें। इसे ध्यान में रखते हुए एलडीए व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की ज्वाइंट टीम गठित की गयी है।
यह भी पढ़ें- LDA ऑफिस में ही उड़ी ई-टेंडर की धज्जियां, तबादले के बाद भी जमे बेखौफ इंजीनियर बिना निविदा ही नई बिल्डिंग में करा रहें साढ़े चार करोड़ का रेनोवेशन
प्रथमेश कुमार ने बताया कि जांच के बिन्दु व प्रारूप निर्धारित कर दिए गए हैं। इसी के मुताबिक जांच टीम को अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इसमें निरीक्षण की तारीख के साथ स्थल की फोटोग्राफ लगानी होगी। एलडीए की प्रवर्तन टीम स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक स्थल पर हुए निर्माण कार्य, पार्किंग, सेटबैक व फ्लोर आदि की जांच करेगी। अगर पास नक्शे के मुकाबले निर्मित क्षेत्र में अंतर पाया जाता है तो निर्माणकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई प्रचलित की जाएगी। वहीं, अग्निशमन की टीम आग से सुरक्षा के मानकों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
यह भी पढ़ें- एलडीए के अफसर चाहे तो जनता के लिए नासूर बनने से पहले ही टूट सकता है अवैध निर्माण
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
एलडीए के सातों जाने में प्राधिकरण व अग्निशमन विभाग से एक-एक अधिकारी को नामित किया गया है, जोकि बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व अन्य सुरक्षा संबंधी मानकों की जांच की कमान संभालेंगे।
– प्रवर्तन जोन-1 में जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी के साथ एफएसओ गोमती नगर मामचन्द्र बड़गूजर।
– प्रवर्तन जोन-2 में जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह के साथ एफएसओ सत्येन्द्र कुमार सिंह।
– प्रवर्तन जोन-3 में जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह के साथ एफएसओ सरोजनी नगर/आलमबाग धर्मपाल सिंह।
– प्रवर्तन जोन-4 में जोनल अधिकारी माधवेश कुमार के साथ एफएसओ बीकेटी प्रशांत कुमार।
– प्रवर्तन जोन-5 में जोनल अधिकारी वंदना पाण्डेय के साथ एफएसओ इंदिरा नगर कमलेन्द्र कुमार।
– प्रवर्तन जोन-6 व 7 में जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह के साथ एफएसओ हजरतगंज राम कुमार रावत व एफएसओ चौक पुष्पेन्द्र कुमार यादव होंगे।
बैठक में एलडीए वीसी के अलावा लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल, अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी व ज्ञानेन्द्र वर्मा के अलावा प्राधिकरण के सातों जोन के सभी छह जोनल अधिकारी मौजूद रहें।



















