‘विजन इंडिया’ में बोले अखिलेश, कारोबारी के बिना खुशहाली के रास्ते पर नहीं बढ़ सकता देश

विजन इंडिया
विजन इंडिया कार्यक्रम को संबोधित करते अखिलेश यादव।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। जब तक कारोबारी वर्ग संपन्न नहीं होगा, तब तक देश खुशहाली के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ सकता। अगर हम भारत को नए स्वरूप में देखना चाहते हैं, तो ‘विजन इंडिया’ की शुरुआत इसी विषय से करेंगे कि छोटे कारोबार क्यों बर्बाद हो रहे हैं।’’ उनकी समस्याओं और कारोबार की प्रकृति को समझे बिना उनका समाधान संभव नहीं है।’’

ये बातें समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को ‘विजन इंडिया (पीडीए)’ संगोष्ठी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। सपा मुखिया ने कहा मैं आगरा इसलिए आया हूं कि छोटे कारोबारी क्यों बर्बाद हो रहे हैं, इस बारे में आप लोगों के सुझाव ले सकूं। जब तक हमारा कारोबारी वर्ग संपन्न नहीं होगा, तब तक हम खुशहाली का रास्ता नहीं अपना सकते, इसलिए हमें व्यापक सोच के साथ छोटे कारोबार और छोटे कारोबारियों की समस्याओं पर बात करनी होगी।’’

सपा मुखिया ने आगे कहा, ‘‘हमारा मानना है कि छोटे कारोबारियों की समस्याओं, चुनौतियों, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को तब तक नहीं समझा जा सकता, जब तक उन्हें विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत नहीं किया जाता। उनकी समस्याओं और कारोबार की प्रकृति को समझे बिना उनका समाधान संभव नहीं है।’’

इस दौरान यूपी के पूर्व सीएम ने साल 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आगरा और आस-पास के क्षेत्रों के उद्यमियों, पेशेवरों और बुद्धिजीवियों को ‘विजन इंडिया’ के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ‘‘ये पीडीए संवाद भी उसी दिशा में एक प्रयास है। ये एक प्रगतिशील संवाद है, जिसके माध्यम से हम लोगों से जुड़कर उनकी बात सुनना चाहते हैं।’’

अखिलेश ने दावा किया कि वर्ष 2012 से 2017 के दौरान हुए विकास कार्य किसी से छिपे नहीं हैं। ‘‘अगर मैं एक-एक काम गिनाने लगूं, तो शायद आपको विश्वास हो जाएगा कि जितना काम समाजवादी सरकार के दौरान हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ था। विशेष रूप से आगरा के विकास के लिए हमने कई महत्वपूर्ण पहल की थीं।’’

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वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, संग्रहालय, मेट्रो तथा अन्य परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमने सपना देखा था कि आगरा को लखनऊ से जोड़ा जाए। उस समय बैंकों का भी पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा था और बड़ी परियोजनाओं के लिए वित्त जुटाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद राज्य के बजट से बनने वाला आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया।’’

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