बंधुआ मजदूरी पर भड़के राहुल ने सरकार पर साधा निशाना, कहा कुत्तों से कटवाया, खिलाया मवेशियों का चारा

बंधुआ मजदूर
बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराती पुलिस।

आरयू वेब टीम। राहुल गांधी ने मुजफ्फरनगर जिले में कई मजदूरों को बंधक बनाकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने की निंदा की है। कांग्रेस नेता बुधवार को कहा कि यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि एक धराशायी हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है। राहुल ने यह भी कहा कि पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

दरअसल बिहार के मुजफ्फरनगर जनपद के मांडी स्थित एक दोना निर्माण फैक्ट्री में बंधुआ मजदूरी और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का बड़ा मामला सामने आया है। जहां पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई करते हुए 12 मजदूरों को बंधनमुक्त किया है। इस घटना के बाद से सियासत गरमा गई। इस पूरी मामले पर राहुल गांधी न सिर्फ भड़के बल्कि सवाल उठाते हुए इसे एक तरह से गैरकानूनी करार दिया है।

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मुजफ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है। बिना मजदूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है। पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

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साथ ही कहा कि हमें यह भी पूछना जरूरी है कि मजदूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं। जब रोजगार खत्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमजोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमजोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं। यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है। ये एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।

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