आरयू वेब टीम। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश एसआइटी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई। ये याचिकाएं आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी और वकील अजय कुमार राय व दिनेश कुमार यादव और हिन्दू धर्म परिषद ने दायर की हैं।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में एक वकील ने कहा कि 123 साल की लड़ाई के बाद एक और लड़ाई शुरू हो गई है। मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है और इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप वाले सबूतों को सुरक्षित रखा जाना जरूरी है।
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सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी को निर्देश दिया कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए। इसके बाद सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाएगी। बाद में कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए अगले सोमवार को सूचीबद्ध किया।
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