आरयू ब्यूरो, लखनऊ। एक ओर छात्र नीट पेपर लीक को लेकर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे है। इससे आगे बढ़कर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पूरे कार्यकाल की जांच की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में उनके अधीन रहे मंत्रालयों के कार्यकलापों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच कराने का अनुरोध किया है। पीएम को लिखे पत्र में अमिताभ ठाकुर ने कहा कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं, उसके बाद हुई आपराधिक जांच, सर्वोच्च न्यायालय में हुई कार्यवाही तथा केंद्र सरकार द्वारा विशेषज्ञ समिति के गठन से शिक्षा व्यवस्था की संस्थागत जवाबदेही एवं निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठे हैं। इन परिस्थितियों में मंत्रालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली का निष्पक्ष परीक्षण आवश्यक है।
वहीं प्रतिवेदन में पूर्व आइपीएस ने धर्मेंद्र प्रधान के कौशल विकास मंत्री के कार्यकाल में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के कार्यकाल में मंत्रालय के गोपनीय अभिलेखों के लीक होने की घटना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर सीएजी की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है। साथ ही इन सभी तथ्यों के संबंध में एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रशासनिक तथ्य-पड़ताल कराने का अनुरोध किया गया है।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से प्राप्त हुआ प्रपत्र
इसके अलावा शुक्रवार को एक अन्य बयान में अमिताभ ठाकुर ने बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पद के अभ्यर्थियों को एक विस्तृत ऑनलाइन मूल्यांकन प्रपत्र भेजा गया है, जिसमें नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अनुभव, प्रबंधन कौशल, संस्थागत दृष्टि, नैतिक मूल्यों तथा सामाजिक एवं आध्यात्मिक प्रतिबद्धता से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे गए हैं। उन्हें भी ट्रस्ट की ओर से ये प्रपत्र प्राप्त हुआ, जिसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण रूप से भरकर ट्रस्ट को प्रेषित कर दिया गया है। यह आवेदन 25 जुलाई 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक जमा किया जाना है।
इसकी सराहना करते हुए अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार का विस्तृत मूल्यांकन प्रपत्र चयन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी तथा योग्यता-आधारित बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। साथ ही आशा व्यक्त की कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं वस्तुनिष्ठ ढंग से सम्पन्न होगी।



















