आरयू ब्यूरो, लखनऊ। आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। आप के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने राज्यपाल से योगी सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के इस्तीफे की मांग करते हुए छात्र समुदाय, विशेषकर गोल्ड मेडलिस्टों से इन समारोहों का पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की है।
वंशराज दुबे ने आगामी 27 से 29 जुलाई के बीच जौनपुर, वाराणसी और बलिया के विश्वविद्यालयों में होने वाले दीक्षांत समारोहों के मद्देनजर राज्यपाल से पूछा है कि दिल्ली पुलिस द्वारा छात्राओं के साथ की गई अभद्रता और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को ‘राष्ट्रद्रोही’ कहे जाने के बाद वे किस नैतिक आधार पर डिग्रियां बाटेंगी।
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वंशराज दुबे ने कहा कि आनंदीबेन पटेल जी, 27 जुलाई को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, 28 जुलाई को काशी विद्यापीठ और 29 जुलाई को जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में युवाओं को डिग्रियां देने जा रही हैं, लेकिन सवाल ये है कि क्या उन युवाओं की आंखों में देखते समय उनके हाथ नहीं कांपेंगे? एक तरफ आप ‘मां-बेटी सम्मेलन’ करती हैं, और दूसरी तरफ भाजपा की दिल्ली पुलिस प्रदेश की बेटियों को भद्दी गालियां दे रही है, उन्हें बिजली के झटके दे रही है और पुरुष पुलिसकर्मी उनके साथ शारीरिक अभद्रता कर रहे हैं। अगर महामहिम राज्यपाल महोदया वास्तव में एक मां की तरह दर्द महसूस करती हैं, तो उन्हें इन अत्याचारों पर मौन नहीं रहना चाहिए।
ये न केवल छात्रों का अपमान…
साथ ही वंशराज दुबे ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय पर हमला बोलते हुए कहा कि जब प्रदेश का युवा पेपर लीक और अपने भविष्य के बर्बाद होने के खिलाफ शांतिपूर्ण आवाज उठाता है, तो मंत्री छात्रों को “राष्ट्रद्रोही” कहकर अपमानित करते हैं। ये न केवल छात्रों का अपमान है, बल्कि उनके संघर्षों का मजाक है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि महामहिम राज्यपाल तत्काल ऐसे अहंकारी मंत्री का इस्तीफा लें। जब तक छात्रों को अपमानित करने वाले मंत्री पद पर बने हुए हैं, तब तक युवाओं को मिलने वाली हर डिग्री उस अपमान का प्रतीक होगी।
भ्रष्ट मंत्री इस्तीफा नहीं देते…
इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश के टॉपर्स और गोल्ड मेडलिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी डिग्री आपकी रातों की नींद और माता-पिता के त्याग का परिणाम है। इसे उन लोगों के हाथों से लेकर अपवित्र न करें जो आपके भाइयों पर लाठियां चलवा रहे हैं। दुबे ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह जलियांवाला बाग कांड के बाद महात्मा गांधी और अन्य सेनानियों ने ब्रिटिश सरकार की उपाधियां लौटा दी थीं, आज वही समय फिर आ गया है। उन्होंने युवाओं से कहा कि मंच पर खड़े होकर स्पष्ट कहें। “जब तक बेटियों से अत्याचार की माफी नहीं मांगी जाती और भ्रष्ट मंत्री इस्तीफा नहीं देते, हम डिग्री नहीं लेंगे।”
पेपर लीक ने तोड़ दी छात्रों की कमर
इसके अलावा वंशराज दुबे ने स्पष्ट किया कि आप युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक ने छात्रों की कमर तोड़ दी है और सरकार समाधान निकालने के बजाय आवाज उठाने वालों को जेल और लाठियों का डर दिखा रही है। उन्होंने कहा कि जौनपुर, वाराणसी और बलिया के विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों का बहिष्कार महज एक विरोध नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ एक शंखनाद है।


















