मुंबई की तिरंगा रैली में बोले उद्धव ठाकरे, देशभक्तों ने अंधभक्तों को हराया

तिरंगा रैली
तिरंगा रैली को संबोधित करते उद्धव ठाकरे।

आरयू वेब टीम। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘तिरंगा’ रैली को संबोधित करते हुए नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन करने के लिए छात्रों की सराहना की। साथ ही कहा कि “‘देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया है।’’ ये प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई की शुरुआत है और इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि ‘‘वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं।’’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने अपनी एकता का प्रदर्शन करते हुए भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में ‘‘स्वर्णिम अध्याय’’ लिखा है और छात्रों का यह आंदोलन अब देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का रूप ले चुका है। ‘‘लोग हमसे पूछते हैं कि जब चुनाव में अभी तीन साल का समय बचा है तो हम इस बारे में बात क्यों कर रहे हैं। इसका जवाब सीधा है। मोदी को अब ये अहसास हो चुका है कि वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं।’’ साथ ही ये भी दावा किया, ‘‘आज कोई चुनाव नहीं जीता गया है। देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया है। यह एक बड़े संघर्ष की शुरुआत है। यह लड़ाई भाजपा और भारत के बीच है।’’

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहता हूं कि अब देश पर ध्यान देने का समय आ गया है। आपके मंत्री राजनीतिक दलों को तोड़ने में व्यस्त हैं। उनसे कहिए कि वे देश के लिए काम करना शुरू करें।’’ इस दौरान उद्धव ठाकरे ने ये सवाल भी उठाया कि प्रधान को केंद्रीय मंत्रिमंडल से पहले ही क्यों नहीं हटाया गया। उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहता हूं कि अपने पसंदीदा धर्मेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाना कितना पीड़ादायक था? क्या यह पीड़ा उस पीड़ा से बड़ी थी जो उन छात्रों के परिवारों ने तब सही जब उनके बच्चों ने अपनी जान दी थी? मैं उस दर्द को नहीं भूल सकता और कभी नहीं भूलूंगा।’’

युवाओं से आंदोलन जारी रखने की अपील

युवाओं से अपना अभियान जारी रखने की अपील करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘‘ये जो अलख जगाई है उसे समाप्त मत होने देना। सत्ता में बैठे लोगों के अहंकार को बर्दाश्त मत करना। आपने जनता की ताकत दिखाई है। इस देश को दोबारा किसी को कमजोर मत करने देना।’’ वहीं सरकार पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि वित्त मंत्री गिरते रुपये और बढ़ती महंगाई पर बात नहीं करतीं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के ‘‘फायदे’’ बताती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को देश की सीमाओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन वह प्रधान का बचाव कर रहे हैं।’’ सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पर तंज कसते हुए ठाकरे ने कहा कि ‘‘गड्ढा मंत्री’’ इथेनॉल (ई20 पेट्रोल) की बात कर रहे हैं। ‘‘निश्चित रूप से यह अगला मुद्दा है।’’

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दरअसल रैली में युवाओं की भारी भीड़ जमा हुई, जिनमें ज्यादातर कॉलेज के छात्र थे। वे राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे और संविधान के पोस्टर लिए हुए थे, जो धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे का ‘‘जश्न’’ मना रहे थे। रविवार को सुबह से हो रही हल्की बारिश के बीच रेनकोट पहने और छाते लिए युवा संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर के पोस्टर तथा सोशल मीडिया के उन ‘मीम्स’ के पोस्टर लिए हुए थे जो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के देशव्यापी विरोध- प्रदर्शनों के दौरान वायरल हुए थे।

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