आरयू ब्यूरो, लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ में आज समाजवादी छात्रसभा ने बड़ा प्रदर्शन किया। 1090 चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए सपाईयों ने विश्वविद्यालयों की बढ़ी फीस वापस लेने, छात्रसंघ चुनाव कराने के साथ ही दलित छात्रों के निष्कासन को वापस लेने, रामपुर के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश को समाप्त करने की मांग उठाई।
अपनी मांगों को लेकर आज दोपहर समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा के नेतृत्व में 1090 चौराहे पर एकत्र हुए छात्र-नौजवान राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे थे। तभी मौके पर पहुंची पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने सभी को जबरन वाहनों में भरकर ईको गार्डेन भेज दिया।
इस दौरान विनीत कुशवाहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी हैं तबसे यूपी के विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस के कारण गरीब किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा हैं, शिक्षा किसी भी लोकतान्त्रिक समाज की आधारशिला हैं। इसलिए इसे आर्थिक बोझ नहीं बनाया जाना चाहिए, लेकिन भाजपा चाहती हैं कि उत्तर प्रदेश का नौजवान अशिक्षित और अनपढ़ हो, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिन्ताजनक हैं।
साथ ही विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव वर्षों से नहीं होने से विश्वविद्यालयों में लोकतान्त्रिक परम्परा कमजोर हो रही। छात्रसंघ विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने, नेतृत्व विकसित पैदा करने तथा लोकतान्त्रिक मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए छात्र संघ चुनाव की शीघ्र बहाली अति आवश्यक हैं।
पूरे प्रदेश के छात्र समुदाय में असुरक्षा व असंतोष
सपा नेता ने यह भी कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के छात्रों के निष्कासन ने पूरे प्रदेश के छात्र समुदाय में असुरक्षा व असंतोष का वातावरण पैदा कर दिया हैं। निष्कासन जैसी कठोर दंडात्मक कार्यवाही के बजाय संवाद, निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसलिए निष्कासित छात्रों की सम्मानजनक बहाली की जाय तथा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों के निष्कासन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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इसके साथ ही रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही से हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा कर्मचारियों में गहरी चिंता व्याप्त हैं। किसी शैक्षणिक संस्थान से संबंधित कार्यवाही में छात्रों के शैक्षणिक हित सर्वोपरि होना चाहिए। छात्रों एवं अभिभावकों का कहना हैं कि 38 भवनों का नक्शा पास नहीं हैं तो सरकार नक्शा पास कराकर छात्रों के भविष्य को बचा सकती हैं। अतः जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण अथवा उससे संबन्धित किसी भी कार्यवाही पर पूर्णरूप से रोक लगाई जाए।
प्रदर्शन में सपा नेता पूजा शुक्ला, संतोश वर्मा, सिराज हुसैन, रितेश पटेल, अवनीश यादव, विक्रम परिहार, सैय्यद फरान अली, अरविंद यादव, पीयूष बाल्मीकि, अमर यादव, परवेज आलम, राहुल वर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, स्वदेश यादव अजीत यादव, अवनीश, अखिलेश भारती, रामानंद कुशवाहा, कुणाल मौर्य, अभिषेक कुशवाहा, प्रिंस कुमार, नवनीत यादव व शिवाजी यादव समेत अन्य मौजूद रहें।



















