आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहा। बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कल विपक्षी दल के सदस्यों द्वारा किए गए हंगामे को चिंताजनक करार दिया। उसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी तो विपक्ष ने फिर से विरोध शुरू किया। लगातार हंगामें के बीच विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।
वहीं विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने संबोधन में कहा कि मेरे मना करने के बाद भी सदन में कल (मंगलवार को) जो हुआ, वह अत्यंत निंदनीय है। मैं ये भी कहना चाहूंगा कि हमारे मना करने के बाद भी कतिपय सदस्यों ने इस सदन की प्रतिबंधित कार्यवाही मीडिया को दिया एवं उसको प्रसारित किया गया। ये आपत्तिजनक है। मीडिया को भी इसका ध्यान रखना चाहिए।
इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी। प्रश्नकाल के दौरान ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने एक प्रश्न का उत्तरा देना शुरू किया। जिसका विपक्षी दल के सदस्यों ने फिर असहमती जताई और विरोध शूरू किया। इस पर पीठासीन अधिकारी ने आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इस बीच सदन का स्थगन अपराह्न एक बजे तक बढ़ा दिया गया।
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एक बार फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को सदन में प्रस्तुत अनुपूरक बजट विधानसभा में ध्वनि मत से पास हुआ। संभल दंगों की रिपोर्ट के साथ ही सीएजी रिपोर्ट विधान सभा के पटल पर रखी गयी। इसके उपरांत तीसरे दिन ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चतकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।




















