आरयू वेब टीम। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन और उससे पहले हुई नेताओं की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। संजय राउत ने मोदी सरकार को घेरते हुए सवाल किया है कि क्या देश में इस समय अघोषित तौर पर ब्रिटिश शासन लागू हो गया है।
संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए और कहा कि राजधानी दिल्ली में हजारों युवाओं और विभिन्न संगठनों के लोगों को आने से रोका जा रहा है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा, “अगर कोई शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए देश की राजधानी आना चाहता है, तो क्या यहां ब्रिटिश राज या रॉलेट एक्ट लागू कर दिया गया है?
इतना ही नहीं ट्रेनों को रोका जा रहा है, सीमाओं को सील किया जा रहा है और लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। ये जनता का लोकतांत्रिक विरोध है और आप लाख कोशिशों के बावजूद जनता की आवाज को दबा नहीं सकते।”
यह भी पढ़ें- अभिजीत दिपके, रांका-सौरभ को फ्लाइट के अंदर घुसकर व ध्रुव राठी को घर से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया
शिवसेना सांसद ने दिल्ली में की गई भारी सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। साथ ही कहा कि राजधानी में जिस तरह से पाबंदियां लगाई गई हैं और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि सत्ता में बैठे लोग युवाओं की आवाज से बेहद डरे हुए हैं।
राउत ने तंज कसते हुए कहा कि विश्व के इतिहास में ऐसा खौफ कभी नहीं देखा गया, जो खुद को ’56 इंच का सीना’ बताते हैं, वे आज आम नागरिकों और युवाओं से इतने सहमे हुए हैं कि देश में आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए गए हैं।




















