दीक्षांत समारोह में छात्रों को राज्‍यपाल अनंदीबेन की नसीहत, “गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं, लेकिन मां बनाकर छोड़ना गलत”

राज्यपाल

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। गर्लफ्रेंड बनाना गलत नहीं है, लेकिन किसी कम उम्र की लड़की को मां बनाकर छोड़ देना उचित नहीं है। युवाओं को अपने फैसलों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए। यदि किसी लड़की से शादी करने का वादा किया है, तो उसे निभाने का प्रयास भी करना चाहिए। युवाओं को पहले आत्मनिर्भर बनकर परिवार की जिम्मेदारियां उठाने के योग्य होना चाहिए।

ये बातें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को लखनऊ स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर कही। राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे गलत गतिविधियों में शामिल न हों और अपने साथियों को भी ऐसे काम करने से रोकें। उन्होंने कहा कि अच्छी संगत से अच्छे विचार विकसित होते हैं और व्यक्ति सही दिशा में आगे बढ़ता है।

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वहीं अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने पानी का उदाहरण देते हुए कहा कि पानी में लगातार गंदगी मिलाने से वह दूषित हो जाता है, जबकि उसे साफ रखने की कोशिश करने पर उसकी शुद्धता बनी रहती है। इसी तरह समाज में सकारात्मक सोच, सही ज्ञान और अच्छे संस्कारों को बढ़ावा देना जरूरी है।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर

राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, ज्ञान और मेहनत का सही दिशा में इस्तेमाल होना चाहिए।गरीब परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए केवल आर्थिक मदद देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें अच्छी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराने होंगे, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए।

एआइ के उपयोग की दिशा में करें प्रयास

आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को नई तकनीकों का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी। साथ ही कहा कि छात्रों को डेटा जुटाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के उपयोग की दिशा में प्रयास करना चाहिए। इन तकनीकों के माध्यम से देश के विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिल सकती है। राज्यपाल ने गुजरात सरकार में अपने पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए गरीब बच्चों के लिए शुरू की गई एक पहल के बारे में भी बताया। आगे कहा कि आंगन बाड़ी केंद्रों में जरूरतमंद बच्चों के लिए चना और गुड़ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी।

2,279 विद्यार्थियों को डिग्री-डिप्लोमा

वहीं लखनऊ में महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के 7वें दीक्षांत समारोह में कुल 2,279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान की गई। इनमें 20 शोधार्थियों को पीएचडी, 324 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएशन और 1,612 विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन की डिग्री दी गई। इसके अलावा 323 विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किया गया। इस दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी मौजूद थे। इस दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी कैंपस में मिनी एक्सपो भी लगाया गया था।

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