आरयू वेब टीम। देश में इंस्टाग्राम पर कई अकाउंट्स, पोस्ट और वीडियो के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का मामला गरमाता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने सेंसरशिप और सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाने की कार्रवाई की आलोचना की। दीपके ने बुधवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोगों की आवाज दबाने से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी बल्कि जनता का सरकार पर अविश्वास और बढ़ सकता है।
अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक पोस्टकर कहा कि इंस्टाग्राम पर कार्रवाई से कोई फायदा नहीं होने वाला है। सरकार हर दिन हजारों पोस्ट और अकाउंट हटा रही है, लेकिन वह एक अहम बात को समझ नहीं पा रही है कि इंस्टाग्राम सिर्फ एक प्लेटफॉर्म है जहां लोग अपने सवाल उठाते हैं। इन सवालों की वजहें सोशल मीडिया से कहीं आगे हैं। अकाउंट हटाने से लोगों के सवाल खत्म नहीं होंगे। इसके बजाय इस तरह की सेंसरशिप से जनता का सरकार पर भरोसा और कमजोर हो सकता है।
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दरअसल, ये मामला तब शुरू हुआ जब सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक्स पर दावा किया था कि भारत में हजारों इंस्टाग्राम अकाउंट्स को प्रतिबंधित कर दिया गया है और लाखों वीडियो हटा दिए गए हैं। अब मार्क जकरबर्ग भाई का मोदी जी के साथ एक सेल्फी वीडियो ही बाकी रह गया है।
सोशल मीडिया पर कंटेंट को लेकर सवाल
सोशल मीडिया पर कंटेंट को नियंत्रित करने, पोस्ट हटाने के सरकारी निर्देशों और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कार्यकर्ताओं और राजनीतिक संगठनों के सोशल मीडिया अकाउंटस पर बार-बार कार्रवाई हुई है। Information Technology Act के सेक्शन 69A तहत दिए निर्देशों के बाद भी कई अकाउंट्स और पोस्ट पर रोक लगाई गई है। मेटा और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से उन पोस्ट और अकाउंट्स को प्रतिबंधित करने के लिए कहा गया है जिनमें युवाओं की बेरोजगारी, शासन व्यवस्था और सार्वजनिक बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।
केंद्र सरकार को हाईकोर्ट ने दिया था नोटिस
इससे पहले 27 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने भारत में इंस्टाग्राम हैंडल @bring_back__ballot को रोके जाने के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। ‘ब्रिंग बैक बैलेट’ अभियान Petitioners Mission Save Constitution और इसके राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट महमूद प्राचा से जुड़ा है।
जानकारी के मुताबिक दस अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन से पहले ही इस इंस्टाग्राम अकाउंट को भारत में रोक दिया गया था। जस्टिस अमित महाजन ने इस मामले में केंद्र सरकार और संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी।




















