आरयू वेब टीम। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय की हालिया छापेमारी को लेकर नाराजगी जाहिर की है। ममता का आरोप है कि ईडी केवल जांच एजेंसी के तौर पर काम नहीं कर रही, बल्कि तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति और आंतरिक दस्तावेजों को जब्त कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। यही नहीं ममता बनर्जी उस जगह पर भी पहुंचीं जहां पर ईडी ने छापेमारी की। आईपैक के दफ्तर पहुंचने के बाद ममता काफी गुस्से में दिखाई दीं। साथ ही उन्होंने प्रदेशभर में टीएमसी के प्रदर्शन का ऐलान भी किया।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि किसी राजनीतिक पार्टी के हार्ड डिस्क, कैंडिडेट लिस्ट और रणनीतिक प्लान को कैसे जब्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वह भी किसी दल के ऑफिस में छापेमारी करवाएं, तो क्या केंद्र सरकार इसे स्वीकार करेगी? ममता ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया जा रहा है।
दरअसल गुरुवार तड़के ईडी की टीमें दिल्ली से कोलकाता पहुंचीं और एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की। इनमें प्रमुख रूप से आइपीएसी (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के प्रमुख प्रतीक जैन का आवास और साल्ट लेक में स्थित आइपीएसी का पुराना कार्यालय शामिल था। ये छापेमारी कथित फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। करीब 11:30 बजे के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया, जब पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर और फिर खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पहुंचीं।
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बाहर निकलते समय उनके हाथ में एक हरी फाइल थी, जिसे दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी ‘हाइजैक’ करने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए एसआइआर प्रक्रिया के जरिए राज्य में वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, ताकि तृणमूल कांग्रेस को चुनावी नुकसान पहुंचाया जा सके।




















