आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उन्हीं से जुड़े विभाग लखनऊ विकास प्राधिकरण में छवि धूमिल करने वाले इंजीनियर-अधिकारियों के शायद अब अच्छे दिन लदने वाले हैं। अवैध निर्माण की ठेकेदारी के मामले में मीडिया के कैमरे में कैद हुए जोन तीन के जोनल अधिकारी को आज हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया है, जबकि इसी मामले में फंसे जेई को प्रवर्तन जोन तीन से जोन दो भेजा गया है। जोनल अफसर मान सिंह व जेई राहुल विश्वकर्मा पर यह शुरूआती कार्रवाई कमेटी की जांच रिपोर्ट आने से पहले एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने की है।
सात दिन में रिपोर्ट उपाध्यक्ष को देगी कमेटी
अवैध निर्माण की ठेकेदारी का मामला सामने आने के बाद उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 21 अक्टूबर (बुधवार) को अंडर ट्रांसफर अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में मामले की गहनता से जांच के लिये कमेटी गठित की थी। कमेटी में सदस्य के तौर पर प्रभारी अधिकारी अघिष्ठान सोमकमल सीताराम, ओएसडी आइटी देवांश त्रिवेदी, अंडर ट्रांसफर ईई मनोज सागर, प्राधिकरण से संबंद्ध लेखाधिकारी विनोद श्रीवास्तव शामिल हैं। वीसी के आदेश के अनुसार कमेटी तथ्यों व ऑडियो-वीडियो की जांच कर सात दिन में अपनी रिपोर्ट उपाध्यक्ष को देगी। रिपोर्ट मिलने के बाद जोनल अधिकारी व जेई पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
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स्मारक समिति प्रबंधक तो तीन महीना भी…
उल्लेखनीय है कि एलडीए में पहली बार स्मारक समिति के किसी अफसर को जोनल अधिकारी बनाने का फैसला लिया गया था। बीती तीन अगस्त को एलडीए उपाध्यक्ष ने स्मारक समिति के प्रबंधक मान सिंह को क्षेत्रफल के लिहाज से प्रवर्तन के सबसे बड़े जोन (तीन) का जोनल अफसर बनाया था, हालांकि वह तीन महीना भी अपनी कुर्सी नहीं बचा सकें। दूसरी ओर प्राधिकरण के उद्यान समेत अन्य अनुभागों में तमाम शिकायत-आरोप व शासनादेश को दरकिनार कर कई वर्षों से डटे स्मारक समिति के अधिकारी-कर्मियों की बड़े अफसर सेवा ले रहें हैं।
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मान सिंह पर पारा, कृष्णानगर, सरोजनी नगर, आलमबाग, मानक नगर व काकोरी थाना क्षेत्र के इलाकों में हो रहे अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी थीं, लेकिन मान सिंह न सिर्फ अवैध निर्माण रोकने में फेल हो गये, बल्कि ठीक तीन दिन पहले दशहरे पर उनके सामने आये न्यूज वेबसाइट के स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो ने एलडीए से लेकर शासन तक में हड़कंप मचा दिया। अलग-अलग वीडियो में मान सिंह व जेई राहुल विश्वकर्मा पारा में अवैध निर्माण कराने के एवज में अंडर कवर रिपोर्टर से डीलिंग करने की बात करते हुए देखे जा सकते हैं।
सबसे बड़े अग्निकांड-घूसकांड के बाद Video ने धूमिल की छवि
वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट ने एलडीए के अधिकारियों की मंशा और क्षमता पर और भी ज्यादा इसलिए सवाल खड़े कर दिये हैं, क्योंकि कुछ महीने पहले ही जहां अलीगंज की अवैध बिल्डिंग में आग लगने से 15 बेगुनाहों की दर्दनाक मौत हो गयी थीं। वहीं लखनऊ के इतिहास में सबसे बड़ी जनहानि करने वाले अग्निकांड के बाद विजिलेंस की टीम ने एक जेई व कर्मी को अवैध निर्माण को संरक्षण देने के लिये साढ़े सात लाख रुपये की घूस लेते पकड़ा था। इन दोनों बड़े कांड के बाद लोगों को लगा था कि जोनल अफसर और इंजीनियर अवैध निर्माण रोकेंगे नहीं तो कम से कम उसे संरक्षण भी देने की हिम्मत नहीं करेंगे, लेकिन हाल ही में सामने आये वीडियो से साफ हो गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के विभाग की लाज बचाने के लिए शासन स्तर से ही कठोर व प्रभावी कदम उठाये जाने की जरूरत है।
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रवि नंदन सिंह को मिली दूसरे जोन की भी जिम्मेदारी
मान सिंह से प्रवर्तन जोन तीन आज हटाने के बाद वीसी ने इसकी जिम्मेदारी प्राधिकरण के युवा ओएसडी रवि नंदन सिंह को सौंपी है। रवि नंदन पहले की तरह जोन एक के साथ ही अब जोन तीन में भी अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिये कार्रवाई करेंगे। हालांकि साढ़े सात लाख वाले घूसकांड व अन्य घटनाओं को देखते हुए माना जा रहा रवि नंदन के लिये एक साथ दो जोन संभालना काफी चुनौती भरा होगा।



















