पश्चिम बंगाल मतदान के बीच कई जगहों पर हिंसा व EVM में खराबी, दो गिरफ्तार

मतदान
मतदाताओं पर लाठीचार्ज करते सुरक्षाबल।

आरयू वेब टीम। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के लिए बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। इस दौरान कई जगहों पर हिंसा और ईवीएम में खराबी की बात सामने आई है, जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज की, साथ ही दो लोगों को गिरफ्तार भी किया।

मिली जानकारी के मुताबिक हावड़ा के बाली विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान उस समय तनाव फैल गया जब डॉन बॉस्को लिलुआ सोहन लाल विद्यालय के मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीन खराब हो गई। मशीन में गड़बड़ी की वजह से वोटिंग बाधित होने पर मतदाता भड़क उठे जिसके चलते स्थिति बिगड़ गई, जबकि 152, 153 और 154 नंबर बूथों पर भी गड़बड़ी और हंगामे की खबर सामने आई है। वहीं मध्य हावड़ा के जैन विद्यालय स्थित 131 नंबर बूथ में भी ईवीएम मशीन खराब होने की बात सामने आई है।

वहीं हालात को नियंत्रित करने के लिए तैनात केंद्रीय सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज की। इस घटना में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा बूथ नंबर 152 से केंद्रीय बलों ने एक युवक को गिरफ्तार किया है आरोप था कि वह बूथ को जाम करने की कोशिश कर रहा था। वहीं एक अन्य युवक को भी गिरफ्तार किया गया है।

इधर तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 123 पर मतदान प्रक्रिया काफी देर से शुरू हुई है, जिससे मतदाता नाराज हो गए हैं। कई लोग इस भीषण गर्मी में सुबह छह बजे से ही लाइन में खड़े रहे। ईवीएम मशीनों को कई बार बदलने के बावजूद, मतदान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, जिसके बाद तकनीकी विशेषज्ञों ने ईवीएम की जांच की और मतदान शुरू हुआ। इस मतदान केंद्र पर 800 से अधिक मतदाता हैं। वहीं पूर्वी बर्धमान के भाटा विधानसभा क्षेत्र के बूथ 173 और 175 पर ईवीएम मशीन खराब होने के कारण वोटिंग काफी देर के बाद शुरू हुई।

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वहीं कोलकाता की एंटली सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल की कोलकाता के एक पोलिंग बूथ पर पोलिंग अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई। खबर है कि बूथ छोटा होने की वजह से उनके पोलिंग एजेंट को बाहर भेज दिया गया, जिसके बाद उन्होंने नाराजगी जाहिर की। टीएमसी के चुनाव एजेंट भी इस बहस में शामिल हो गए, जिसके बाद दोनों को बाहर भेज दिया गया।

बता दें कि दूसरे चरण में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला होना है, उनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं, जो भवानीपुर से एक बार फिर चुनाव लड़ रही हैं। इस सीट पर उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से कड़ी चुनौती मिल रही है।

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