राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म होने पर मायावती ने कांग्रेस को याद दिलाया ‘आपातकाल’, कहीं ये बातें

आपातकाल

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता रद्द किये जाने के बाद राजनितिक पार्टी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं। कुछ पार्टियां उनके सहयोग में हैं। शनिवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे पर अपनी खामोशी तोड़ी है। मायावती ने कांग्रेस को 1975 का अपातकाल याद दिलाते हुए सवाल किया है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पहले कांग्रेस व अब भाजपा सरकार ने हर स्तर पर अधिकांश मामलों में घोर स्वार्थ की राजनीति की है।

यूपी की पूर्व सीएम ने शनिवार को ट्विटर पर कहा कि पहले कांग्रेस व अब भाजपा सरकार द्वारा हर स्तर पर अधिकांश मामलों में घोर स्वार्थ की राजनीति करने के कारण ही गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन की गंभीर समस्याओं को दूर करने की व्यापक जनहित, जन कल्याण व देश हित के जरूरी काम पर पूरा-पूरा ध्यान नहीं देना अति दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है।

अपने सिलसिलेवार ट्वीट में मायावती ने कहा, इसी संदर्भ में कांग्रेस को यह जरूर सोचना चाहिए कि 1975 में जो कुछ हुआ वह क्या सही था और अब उनके नेता राहुल गांधी के साथ जो कुछ हो रहा है वो भी कितना उचित? एक दूसरे के प्रति राजनीतिक द्वेष , नफरत आदि से देश का ना पहले भला हुआ है और न ही आगे होने वाला है।

मायावती ने अपने तीसरे ट्वीट में कहा कि अतः यह स्पष्ट है कि देश की आजादी के बाद बीते 75 वर्षों में यहां रही विभिन्न सरकारें अगर संविधान की पवित्र मंशा तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं व परंपराओं के अनुसार ईमानदारी व निष्ठा के साथ काम करती होतीं तो भारत वास्तव में अग्रणी व आदर्श मानवतावादी विकसित देश बन गया होता होता।

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बता दें कि उल्लेखनीय है कि सूरत (गुजरात) की एक अदालत ने ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई। सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में सजा सुनाये जाने के मद्देनजर केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे राहुल गांधी को शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता के लिए भी आनन-फानन में अयोग्य ठहराया गया।

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