कांग्रेस सरकार पर भड़कीं मायावती, राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लागू करने की उठाई मांग

मायावती
फाइल फोटो।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। राजस्थान के पाली जिले में जितेंद्र पाल मेघवाल की हत्या का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को पाली में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा है। अब मायावती ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर दलितों और आदिवासियों की सुरक्षा में विफल रहने व कानून-व्यवस्था के फेल होने का आरोप लगाते हुए राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।

मायावती ने बुधवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से एक के बाद एक दो ट्वीट कर कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, राजस्थान कांग्रेस सरकार में दलितों व आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। हाल ही में डीडवाना व धोलपुर में दलित युवतियों के साथ दुष्‍कर्म व अलवर में दलित युवक की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या व जोधपुर के पाली में दलित युवक की हत्या ने दलित समाज को झकझोर दिया है।

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वहीं अपने दूसरे ट्वीट में बसपा मुखिया ने कहा कि, यह स्पष्ट है कि राजस्थान में खासकर दलितों व आदिवासियों की सुरक्षा करने में वहां की कांग्रेसी सरकार पूरी तरह से विफल रही है. अतः यह उचित होगा कि इस सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। बीएसपी की यह मांग है।

बता दें कि राजस्थान के पाली जिले के बाली बारवां क्षेत्र में संविदा कर्मी जितेंद्र पाल मेघवाल की 15 मार्च को दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं सीएम अशोक गहलोत ने परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद की भी घोषणा की है। हांलाकि मामले ने तूल पकड़ लिया है। हत्या से आक्रोशित लोगों ने प्रर्दशन किया है, जबकि राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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