आरयू ब्यूरो,
लखनऊ। नीरव मोदी के हजारों करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही मोदी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। मायावती ने कहा मोदी सरकार की नाक के नीचे 20 हजार करोड़ रूपए का बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोने का बहाना करती रही।
आज बसपा सुप्रीमो ने हमला बोलने के साथ ही कई सवाल भी उठाएं हैं। मायावती ने रविवार को प्रधानमंत्री के एक बयान की याद दिलाते हुए मीडिया से कहा कि महाघोटाले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को दिए गए उस आश्वासन का क्या हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि ना खाएंगे और ना खाने देंगे।
वहीं मायावती ने ये भी पूछा कि जनधन योजना के अन्तर्गत करोड़ों गरीबों व मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई का रूपया क्या अपने चहेते उद्योगपतियों व धन्नासेंठों को गबन करने के लिए ही सरकारी बैंकों में जमा कराया गया था? सरकार इस सवाल का क्या जवाब देती है ये तो आने वाले समय में ही पता चलेगा।
यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री आज इतने पर ही नहीं रूकी उन्होंने आगे एक सवाल दागते हुए कहा कि मोदी सरकार का क्या इसे ही अपना गुड गर्वेइन्स मानेगी की उसके चहेते उद्योगपतिगण देश के धन को लूटकर और बड़े धन्ना सेंठ बनते रहे और बीजेपी सरकार उन्हें अपने गोद में बैठाए फिरती रही?
घोटालेबाजों को क्यों दिया जाता है भागने
वहीं यूपी की पूर्व सीएम ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वजह है कि देश में अरबों-खरबों रूपयों का घोटाला करने वाले ललित मोदी, विजय माल्या व नीरव मोदी जैसे लोगों को बड़ी आसानी से देश छोड़कर विदेश भाग जाने दिया जाता है?
इस दौरान मायावती ने भाजपा के चुनाव जीतने पर भी एक सवाल दागते हुए कहा कि क्या मोदी सरकार व बीजेपी एण्ड कम्पनी ऐसे मामलों में भी यही जवाब देगी कि हम चुनाव जीत रहे हैं इसलिये ऐसे कामों के लिए भी जनता का समर्थन हमें प्राप्त है?
घोटालेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की हिम्मत रखती है मोदी सरकार
बसपा सुप्रीमो ने महाघोटाले के जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि सीबीआइ के मुताबिक ज्यादातर घोटाला 2017-18 चालू वर्ष में हुआ है तो क्या इस सनसनीखेज बैंकिंग महाघोटाले के लिए मोदी सरकार कोई जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर इसके मुख्य दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिम्मत रखती है, ताकि बैंकिंग व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल हो सके?
इस वजह से बढ़ती जा रही धन्ना सेठों की संख्या
मायावती ने आरोप लगाकर आगे कहा कि वास्तव में मोदी सरकार एक तरफ अपनी अलोकतांत्रिक सोच के हिसाब से काम करते हुए देश को विपक्ष-मुक्त बनाने के लिए ईडी, सीबीआई व आयकर विभाग आदि सरकारी मशीनरी का खुलकर दुरूपयोग करने के साथ ही जनहित के कामों से ध्यान हटा लिया गया, जबकि दूसरी तरफ धन्नासेठ प्रियपात्रों के लिए सरकार द्वारा बेईमानी के दरवाजे खोल दिए गए। यही वजह है कि धन्नासेठों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है तथा गरीब, किसान व बेरोजगार मोहताज होकर जीवन जीने को मजबूर हैं।
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गरीब, कमजोरो को परेशानी धन्नासेठों को देश लूटने की छूट
वहीं आधार कार्ड अनिवार्य किए जाने समेत अन्य योजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए बसपा अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार की देश लूट की घटनाओं से यह स्पष्ट है कि देश में नई तकनीक व आधार कार्ड आदि का इस्तेमाल केवल गरीबों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, किसानों आदि को परेशान करने के लिए ही किया जा रहा है, जबकि बड़े-बड़े उद्योगपति व धन्नासेठों को हर प्रकार से देश को लूटने की छूट दी गयी है।


















