Paytm यूजर्स के लिए अच्‍छी खबर, अब बिना इंटरनेट कर सकेंगे ट्रांजैक्शन

पेटिएम

आरयू वेब टीम। पेटीएम यूजर्स के लिए अच्‍छी और राहत भरी खबर है। फिनटेक कंपनी पेटीएम ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोग अब बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी ट्रांजैक्शन कर पायेंगे। कंपनी ने अपने ऐप यूजर्स के लिए यह सर्विस शुरू कर दी है। पेटीएम ने इस सर्विस को टैप टू पे नाम दिया है।

कंपनी ने कहा है कि पेटीएम टैप टू पे सर्विस आपको बिना इंटरनेट कनेक्शन के डिजिटल ट्रांजैक्शन करने की सुविधा देगा। पेटीएम टैप-टू-पे सर्विस को अभी एंड्रॉयड और आइओएस के लिए शुरू किया गया है। पेटीएम ने कहा है कि ‘टैप-टू-पे’ सर्विस का इस्तेमाल करने वाले लोगों को पीओएस मशीन पर अपने फोन को टैप करना होगा। टैप करते ही पेमेंट हो जायेगा। इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि फोन लॉक होने के बावजूद सर्विस का फायदा लिया जा सकता है।

पीओएस मशीन या कार्ड मशीन

पेटीएम टैप टू पे फीचर का इस्तेमाल किसी भी रिटेल आउटलेट पर कर सकते हैं। इसकी मदद से आसानी से पेमेंट कर सकते हैं। इसके लिए पीओएस मशीन या कार्ड मशीन का एनएफसी सपोर्ट जरूरी है। पेटीएम टैप टू पे की मदद से आप बिना किसी पिन के 5,000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसमें कहा गया है कि टैप सर्विस की मदद से कोई भी उपभोक्ता एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये का भुगतान कर सकता है। इससे अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए आपको पिन का इस्तेमाल करना पड़ता है। आरबीआइ ने इस लिमिट को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया है।

पेटीएम टैप टू पे सर्विस का फायदा उठाने के लिए आपको अपने फोन में नियर फील्ड कम्युनिकेशन वाले विकल्प को ऑन करें। अब पीओएस मशीन पर फोन को टैप करें। वाइब्रेशन के साथ ही आपकी पेमेंट पूरी हो जायेगी।

शेयर नहीं की जाती…

कंपनी का दावा है कि पेटीएम टैप टू पे डिजिटल पेमेंट का बेहद सुरक्षित माध्यम है। इसमें ट्रांजैक्शन के दौरान कार्ड डिटेल शेयर नहीं की जाती। सभी कस्टमर की डिटेल बैंक के सिक्योर्ड क्लाउड सर्वर में रखी जाती है। कंपनी का कहना है कि यह सर्विस ज्यादा फास्ट भी है। पेटीएम के एक्टिव अकाउंट लिस्ट में आपने जितने भी कार्ड की जानकारी सेव की होगी, उसमें से किसी भी कार्ड को सेलेक्ट करके यूजर पेमेंट कर सकता है। कंपनी ने कहा है कि पेटीएम अपनी टेक्नोलॉजी की मदद से कार्ड के 16 डिजिट को प्राइमरी अकाउंट नंबर में कन्वर्ट कर देता है। इसके बाद पैन की मदद से ट्रांजैक्शन पूरे किये जाते हैं।

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