आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मिडिल ईस्ट तनाव में युद्ध का असर भारत पर भी पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में तेल कंपनियों ने स्थिति साफ कर दी है। इंडियन ऑयल के राज्य समन्वयक संजय भंडारी ने शुक्रवार को जनता को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक रूप से लंबी लाइनें न लगाएं।
आइओसी के राज्य समन्वयक ने लखनऊ में एक प्रेसवार्ता कर बताया कि 25 और 26 मार्च के दौरान अचानक मांग में भारी उछाल आया। इसे ‘पैनिक बाइंग’ कहा जाता है। लोग डर के मारे अपनी जरूरत से ज्यादा ईंधन स्टोर करने लगे, जिससे पंपों पर भीड़ बढ़ गई। साथ ही बताया कि यूपी में एलपीजी सिलेंडरों का 22 दिनों का अतिरिक्त स्टॉक आज भी मौजूद है। पेट्रोल और डीजल का भी सात दिनों का पर्याप्त बैकअप कंपनियों के पास सुरक्षित है।
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अधिकारियों ने बताया कि ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए हर पेट्रोल पंप पर नजर रखी जा रही है। जहां भी मांग सामान्य से पांच गुना ज्यादा बढ़ रही है, वहां तुरंत अतिरिक्त टैंकर भेजकर सप्लाई बहाल की जा रही है। अयोध्या, बस्ती और गोरखपुर जैसे जिलों में स्थिति अब पूरी तरह सामान्य हो चुकी है, जबकि लखनऊ, सीतापुर और गोंडा में भी अगले एक-दो दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।
इस दौरान कुछ जगहों पर पेमेंट को लेकर आ रही दिक्कतों पर संजय भंडारी ने कहा कि ये कंपनियों का अंदरूनी मामला हो सकता है। इसके लिए भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के साथ एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।















