उत्तर प्रदेश में आफत बनीं बारिश ने अब तक ली 45 लोगों की जान, शुक्रवार-शनिवार को बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थान

यूपी में आफत बनी बारिश
लखनऊ में लोगों के कमरे तक में घुसा बारिश का पानी।

आरयू ब्यूरो,लखनऊ। बुधवार रात राजधानी लखनऊ समेत यूपी के कई इलाकों में शुरू हुई बारिश गुरुवार देर रात तक जारी थी। वहीं गर्मी से राहत दिलाने की शुरूआत करने वाली बारिश अब आफत बन चुकी है। अलग-अलग जगाहों से सामने आयी जानकारी के अनुसार इस बारिश ने गुरुवार रात तक यूपी में 45 लोगों की जान ले ली थी। यह जानें मकान, पेड़ व दीवार गिरने के अलावा मासूमों के डूबकर व अन्‍य लोगों के करंट की चपेट में आने की वजह से गयी हैं।

सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में सात और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है। लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर जलभराव में डूबने से दो बच्चों की और अलीगंज में बिजली का झटका लगने से भी आज एक मासूम की मौत हो गयी।

दूसरी ओर अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए योगी सरकार ने गुरुवार शाम उत्‍तर प्रदेश के सभी स्‍कूल-कॉलेज व शिक्षण संस्‍थानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारियों को राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि वरिष्ठ अधिकारीगण क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें, जबकि 17 व 18 सितंबर को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा के दृष्टिगत जनपदों में राहत कार्य प्रभावी रूप से कराए जाएं। आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचायी जाए। जल-जमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने सम्बन्धित जनपदों के अधिकारियों को इस आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब हे कि बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर ढा दिया है। गुरुवार को जगह-जगह मकान, दीवार, पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। रेलवे ट्रैक पर ओएचई लाइन टूट जाने से कई ट्रेनों के पहिए थम गए। विमान सेवा बाधित हुई। बिजली व्यवस्था चरमरा गई। इसमें 45 लोगों की मौत हो गई है। कई घायल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में हुआ है। यहां 18 लोगों की जान चली गई। वहीं, प्रयागराज, कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में 14, मध्य यूपी व बुंदेलखंड में सात और पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हुई है।

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तेज बारिश के चलते लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर जलभराव में डूबने से दो बच्चों की और अलीगंज में बिजली का झटका लगने से एक बच्चे की जान चली गई। निगोहा में एक घर, मोहनलालगंज में तहसील की छत समेत आधा दर्जन घरों की दीवारें ढह गईं। लखनऊ का दो तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया। 52 से अधिक पोल पेड़ गिरने व चार दर्जन से अधिक ट्रांसफर दग गए।

वहीं बाराबंकी के बसायगपुर मजरा ढेमा, खुशेहटी्, महमूदपुर मजरे टिकरा घाट और जेठौती कुर्मियान गांव में दीवार व कच्चे मकान गिरने से पिता-पुत्र समेत पांच लोगों की मौत हो गई है। पेड़ टूटने से लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर डेढ़ घंटे से अधिक जाम लगा रहा। जबकि रायबरेली के पोरई, टिकरिया व जायस गांव में सात साल की बच्ची व दो महिलाओं की मौत हो गई।

दीवार व छप्पर गिरने से अमेठी जिले में पांच साल की बच्ची समेत दो, अयोध्या के दोस्तपुर व देवगिरी गांव में दो, सुलतानपुर के गोसाईगंज व कोतवाली देहात में दो और सीतापुर के महमूदाबाद में एक बच्ची की जान चली गई। कुछ लोग घायल भी हैं और विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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