आरयू वेब टीम। वरिष्ठ पत्रकार, राजनयिक और पूर्व राज्यसभा सांसद एच.के. दुआ का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और करीब तीन हफ्ते पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब दुआ का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर 12 बजे दिल्ली के लोधी रोड स्थित शमशानघाट पर किया जाएगा।
परिवार की ओर से जारी बयान में गहरा दुख जताते हुए कहा गया, “हमें भारी मन से यह बताना पड़ रहा है कि हमारे पिता, पद्म भूषण एच.के. दुआ- पूर्व राज्यसभा सांसद, वरिष्ठ संपादक, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार और डेनमार्क में भारत के राजदूत का आज दोपहर शांतिपूर्वक निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार पांच मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर होगा।”
एक जुलाई 1937 को जन्मे एच.के. दुआ का करियर बेहद विविध और लंबा रहा। उन्होंने पत्रकारिता, कूटनीति और सार्वजनिक जीवन- तीनों क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाई। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और एच.डी. देवेगौड़ा के मीडिया सलाहकार रहे। इसके अलावा, 2001 से 2003 के बीच उन्होंने डेनमार्क में भारत के राजदूत के रूप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में एच.के. दुआ का नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है।
वे ‘द ट्रिब्यून’ के एडिटर-इन-चीफ रह चुके हैं। इससे पहले वे दाम इंडियन एक्स्प्रेस, दा टाइम्स ऑफ इंडिया और दा हिन्दुस्तान टाइम्स जैसे प्रमुख अखबारों में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर काम कर चुके थे। साल 2009 में उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। राज्यसभा में उन्होंने मीडिया की आजादी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखी।
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पत्रकारिता में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2008 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया था। एच.के. दुआ के निधन से मीडिया और सार्वजनिक जीवन में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। उनके जाने से पत्रकारिता जगत ने एक अनुभवी, बेबाक और सिद्धांतों पर चलने वाली आवाज खो दी है।




















