आरयू ब्यूरो, लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में राहुल गांधी की कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जवाब तलब किया है। साथ ही कोर्ट ने सीबीआइ या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आरोपों का सत्यापन करने के बाद कारवाई करने का आदेश दिया है। इस केस की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
ये आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने एस. विग्नेश शिशिर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की ओर से दाखिल राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि यदि शिकायत प्राप्त हो चुकी है तो सीबीआई या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कानून के अनुसार आरोपों का सत्यापन करें और कानून के तहत जरूरी कदम उठाएं।
कोर्ट ने इस केस में सीबीआइ, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) समेत केंद्र सरकार की कई एजेंसियों से अगली तारीख तक जवाब तलब किया है। न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय देते हुए मामले की सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख नियत की है। साथ ही हाईकोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए याचिका की पूरी पत्रावली और अन्य दस्तावेजों को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया है।
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याचिकाकर्ता ने मामले में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय को भी पक्षकार बनाए जाने का प्रार्थनापत्र दाखिल किया जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए इन्हें भी मामले में पक्षकार बनाने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले में जांच संबंधी जवाब अगली तारीख तक पेश कर दिया जाएगा। वहीं, ईडी के वकील ने भी कहा कि शिकायत मिलने के बाद आरोपों का परीक्षण किया जा रहा है और उसकी प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में अगली सुनवाई में दाखिल कर दी जाएगी।




















