आरयू ब्यूरो, लखनऊ/रायबरेली। रायबरेली पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज वीरा पासी की प्रतिमा का लोकार्पण किया। इस दौरान राहुल ने स्वाभिमान सभा को संबोधित कर भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत पर सवाल उठाया। राहुल गांधी ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर कहा कि भाजपा, प्रधानमंत्री और आरएसएस इसे फाड़ने और फेंकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस ने तो इसे पहले ही फाड़ दिया है।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि ये संविधान की किताब सिर्फ कागज का पन्ना नहीं है, बल्कि इसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी और वीरा पासी जैसे अनगिनत लोगों का खून और पसीना मिला हुआ है, जिन्होंने इसे बनाने में अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान देश की आत्मा है और इसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति होगी बाधित
वहीं राहुल गांधी ने दावा कर कहा कि देश जल्द आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है और इसका सबसे अधिक असर आम जनता पर पड़ेगा। साथ ही कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के कारण वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने से तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होगी, जिससे आने वाले समय में महंगाई बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, गैस और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होने वाली हैं। जबकि प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आम लोगों की समस्याओं से दूर है।
मोदी महंगे विमानों से कर रहे विदेश यात्राएं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि ईंधन की खपत कम करने, सोना खरीदने से बचने और विदेश यात्राएं घटाने की बात महंगाई बढ़ने के संकेत हैं। “आने वाले महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ेगी। पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्यान्न हर चीज महंगी होगी।” इस मौके पर राहुल ने प्रधानमंत्री पर विरोधाभासी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर लोगों से खर्च कम करने को कहा जा रहा है, जबकि दूसरी ओर वे स्वयं महंगे विमानों से अकेले विदेश यात्राएं करते हैं।
जब आर्थिक हालात बिगड़ेंगे…
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मनरेगा को कमजोर करके, जातिगत जनगणना नहीं कराकर और चुनिंदा उद्योगपतियों का पक्ष लेकर “हर समय संविधान पर हमला” कर रहे हैं। देश के हितों की कीमत पर अंबानी और अडानी जैसे बड़े उद्योग समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में जब आर्थिक हालात बिगड़ेंगे, तब जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। सभा में राहुल ने संविधान और सामाजिक समानता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वीरा पासी और भीमराव अंबेडकर ने समानता और अधिकारों की लड़ाई लड़ी थी।
संविधान देश की जनता की आवाज
साथ ही कहा, “हिंदुस्तान में हर नागरिक समान है। हर व्यक्ति को अपने परिश्रम का पूरा फल मिलना चाहिए और सभी को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। ये देश सबका है, किसी एक जाति या संगठन का नहीं है। यही बात हमारा संविधान भी कहता है। उन्होंने कहा कि संविधान देश की जनता की आवाज है और उसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।” सभा के दौरान राहुल गांधी ने हाथ में संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा, “सिर्फ नारों से कुछ नहीं होगा। बदलाव और अधिकारों की रक्षा संविधान को बचाने से ही होगी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा संविधान की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की रक्षा जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने भेंट किए फूल और गुलदस्ते
वहीं सभा स्थल पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने भरतगंज बाजार में लोगों की भीड़ देखकर अपना काफिला रुकवाया। वे वाहन से उतरकर लोगों से मिले, हालचाल जाना और अभिवादन स्वीकार किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल और गुलदस्ते भेंट किए। इससे पहले राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।




















