आरयू ब्यूरो, लखनऊ/रामपुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को शुक्रवार को सेशन कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दो पासपोर्ट केस में सुनाई गई सात साल की सजा को एमपी/एमएलए सेशन कोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की ओर से दाखिल अपील स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया है।
अब्दुल्ला आजम पर आए फैसले के बाद कोर्ट से बाहर आए वकील ने कहा कि यह मामला 30 जुलाई 2019 को आकाश सक्सेना की ओरसे थाना सिविल लाइंस पर दर्ज कराया गया था। इस मामले में अब्दुल्ला आजम खान पर आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने अलग-अलग समय पर दो पासपोर्ट इश्यू कराए। दो अलग-अलग डेट ऑफ बर्थ के आधार पर पासपोर्ट को इश्यू कराया गया। इन पासपोर्ट का आईडी के रूप में जगह-जगह इस्तेमाल किया। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने पांच दिसंबर 2025 को मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ निर्णय सुनाते हुए सात वर्ष की सजा का आदेश पारित किया था।
वकील ने कहा कि इस आदेश के खिलाफ अब्दुल्ला आजम की ओर से क्रिमिनल अपील विशेष न्यायाधीश, एमपी- एमएलए कोर्ट में दायर की गई थी। इसमें आज फैसला आया है और अब्दुल्ला आजम की अपील स्वीकार कर ली गई है। कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया है। मामले में अब्दुल्ला आजम को बरी किया गया है। विरोधी पक्ष की ओर से सजा बढ़ाए जाने की मांग की गई थी। इसे खारिज कर दिया गया है। वकील ने कहा कि यह अब्दुल्ला आजम के लिए बड़ी राहत है।
बता दें कि अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पासपोर्ट बनवाने से संबंधित केस भाजपा नेता और रामपुर शहर विधायक आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था। सिविल लाइंस कोतवाली में केस दर्ज हुआ था। इसमें आरोप लगाया गया कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्म तिथि से दो पासपोर्ट बनवाए। आरोप था कि अब्दुल्ला दोनों पासपोर्ट का अपनी सुविधा अनुसार इस्तेमाल किया। कोर्ट में जांच के बाद पुलिस की ओर से चार्जशीट दायर किया गया। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस पर ट्रायल चला।
एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सुनवाई के बाद अब्दुल्ला आजम को पिछले दिनों सात साल की कैद की सजा सुनाई थी। अब्दुल्ला आजम ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की। अब इस पर फैसला आया है।




















