आरयू ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रविवार को एक बार फिर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर ट्रस्ट और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाएं हैं। शंकराचार्य ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के अलावा दर्शन करने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राम मंदिर अभी राम मंदिर नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस का कार्यालय है। जब यह वास्तव में राम मंदिर बन जाएगा, तभी दर्शन करने जाऊंगा।
उन्होंने ट्रस्ट और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। शंकराचार्य का कहना था कि ट्रस्ट का गठन सरकार ने किया है और जांच के लिए एसआईटी भी सरकार ने बनाई है। ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। दरअसल गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने’ के लिए निकाली जा रही 81 दिवसीय यात्रा के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद रायबरेली पहुंचे।
जहां अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रदेश में लोगों से गाय की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि गाय को माता मानने में ही सभी का कल्याण है। साथ ही खेद व्यक्त किया कि लोग अनजाने में गाय की अवहेलना कर कितना बड़ा पाप कर रहे हैं, जबकि उन्हें यह समझना होगा कि गाय केवल पशु नहीं, बल्कि एक पूजनीय मां है।
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शंकराचार्य के अनुसार यदि गाय को दुख होगा तो सभी को कष्ट होगा, इसलिए विश्व समुदाय को गोमाता की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। वेदों और पुराणों में भी गाय के महत्व को रेखांकित किया गया है और उसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
सपा नेता समेत तीन गिरफ्तार
वहीं गोरखपुर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विवादित पोस्टर लगाने के आरोप में समाजवादी पार्टी के नेता अरविंद शुक्ला समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात शहर के अलग-अलग इलाकों में पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें चढ़ावा चोरी को लेकर विवादित संदेश लिखे गए थे। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।




















