संसद मार्च के लिए जंतर-मंतर पर उमड़ा युवाओं का सैलाब, “पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दागे आंसू गैस के गोले”

संसद मार्च
संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले।

आरयू वेब टीम। शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन में देशभर से छात्र व अभिभावकों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया। जहां छात्रों के उमड़े सैलाब पर प्रस्तावित संसद मार्च से पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इससे कई लोगों को चोटें आई हैं और कई लोगों के सिर भी फूट गए हैं, घायलों में छात्राएं भी शामिल हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग की। इस दौरान राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन में प्रदर्शनकारी घुस गए। कई लोग बैरिकेडिंग की घेराबंदी तोड़ते हुए पार्लियामेंट थाने तक पहुंच गए। जहां पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए कई युवाओं को हिरासत में लिया।

हांलाकि पुलिस की इतनी घेराबंदी के बाद भी संसद मार्च में शामिल युवाओं का सैलाब सड़कों पर दिखा और संसद भवन तक पहुंचने में कामयाब रहे। जहां दिल्ली पुलिस के प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस का कहना है कि मार्च के लिए इजाजत नहीं दी गई है।

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इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोमवार को जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के कहने पर अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा वांगचुक को ले जाए जाने के बाद दिपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। मंच से इस फैसले की घोषणा करते हुए गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि वांगचुक ने दिपके से हड़ताल खत्म करने और आंदोलन को जारी रखने के लिए अपनी ऊर्जा बचाने का आग्रह किया था। इसके बाद दीपके ने जूस पीकर अपना अनशन खत्म किया।

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