आरयू वेब टीम। पेपर लीक के मुद्दे और छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। मॉनसून सत्र के दूसरे दिन जोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव व प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेता मंगलवार को पीएम आवास के सामने धरने पर बैठे। जहां राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’, ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए। मौके पर पहुंची भारी पुलिस बल ने जबरन सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
अपने नेताओं को हिरासत में लिये जाने के बाद से देश की राजधानी दिल्ली के साथ ही लखनऊ व वाराणसी समेत जगह-जगह कांग्रेस और सपा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गये हैं। पुलिस की कार्यवाई से आक्रोशित कार्यकर्ता रात तक घेराव व प्रदर्शन कर रहे थे।
दरअसल कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से धरने पर बैठे थे। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में हथकड़ियां पहनकर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सांकेतिक विरोध किया। धरना शुरू होने के कुछ देर बाद पुलिस नेताओं को हिरासत में लेने पहुंची। जहां नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। जब पुलिस के एक जवान ने राहुल का हाथ पकड़ा तो उन्होंने गुस्से में अपना हाथ छुड़ाया और फिर सड़क पर लेट गए। इस पर पुलिस कर्मी हाथ-पैर से पकड़कर घसीटते हुए राहुल गांधी को उठाकर ले गए। हांलाकि कुछ घंटे बाद पुलिस सभी को छोड़ दिया।
राहुल गांधी हुए घायल
इस दौरान राहुल गांधी को चोट भी लगी जिससे उनकी नाक से खून बहता नजर आया। पुलिस सभी नेताओं को बस में बैठाकर प्रदर्शनस्थल से दूर लेकर गई। डिटेन होने के बाद राहुल गांधी ने कहा, ‘मोदी जी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो, छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी।’ साथ ही कहा, ‘गिरफ्तार करो, जेल में डालो, फर्क नहीं पड़ता, मोदी सरकार की सत्ता की ताकत से ज्यादा बड़ी हमारे सत्याग्रह की शक्ति है। हमारे बच्चों के साथ हुए अत्याचार का हिसाब तो देना ही होगा’।
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वहीं धरनास्थल से हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने में रखा, जबकि राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर दिल्ली पुलिस ने बस में बिठाया कर लगभग 40 मिनट तक शहर की सड़कों पर घुमाया और बाद में छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया है। बाकी कई नेताओं को किंग्सवे ले जाया गया है। जबकि कांग्रेस सांसदों को भी धरनास्थल से हटा दिया गया।
इससे पहले लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। बता दें कि आज सुबह ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन में घायल छात्रों से मुलाकात की थी।




















