आरयू इंटरनेशनल डेस्क। जापान में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। तेज झटकों के कारण कई इलाकों में लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। एहतियात के तौर पर सुनामी की चेतावनी जारी की गई है और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया है कि मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। मौसम एजेंसी के अनुसार ये भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम करीब 4:27 बजे लगभग दस किलोमीटर की गहराई पर आया है। प्रांत के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में जापान के भूकंप की तीव्रता मापने वाले पैमाने पर इसकी अधिकतम तीव्रता सात दर्ज की गई है।
जापान सरकार की तरफ से दक्षिणी क्यूशू द्वीप पर स्थित कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रान्तों में आपातकालीन भूकंप अलर्ट घोषित किया है। जापानी भूकंपीय तीव्रता स्केल पर इस भूकंप को अधिकतम ‘शिंदो 7’ मापा गया है। इसका मतलब है कि झटके इतने तेज थे कि लोगों के लिए खड़ा रहना भी मुश्किल था। इस दौरान कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह हिलने लगीं। भूकंप के बाद राहत एवं बचाव दल काम में जुटे हैं।
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जापान सरकार और स्थानीय प्रशासन ने क्यूशू शिनकानसेन में बुलेट ट्रेन सेवाओं को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में हाईवे बंद कर दिए गए हैं, जबकि इन इलाकों में बिजली-पानी की सप्लाई ठप होने की खबरें हैं। इसके अलावा क्षेत्र में स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा की जांच की जा रही है।
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में मिलती हैं। इसी वजह से यहां हर साल हजारों भूकंप आते हैं। इनसे निपटने के लिए जापान के पास दुनिया की सबसे आधुनिक भूकंप निगरानी और सुनामी चेतावनी प्रणालियों में से एक मौजूद है।
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