IGRS घूसकांड जांच के लिए LDA पहुंची विजिलेंस टीम, प्राधिकरण ने 50 शिकायतकर्ताओं को पेशेवर बता सौंपी लिस्‍ट

एलडीए

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में भ्रष्‍टाचार के सिंडिकेट को हिला देने वाले आइजीआरएस घूसकांड में सतर्कता अधिष्‍ठान (विजिलेंस) ने अपनी जांच तेज कर दी है। छानबीन व पूछताछ के लिए आज दोपहर विजिलेंस अधिकारियों की टीम लखनऊ विकास प्राधिकरण पहुंची थीं। जहां एलडीए ने शनिवार को पकड़े गए आइजीआरएस कर्ता श्रवण कुमार के अलावा आइजीआरएस के माध्‍यम से अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले कुल 50 शिकायतकर्ताओं को पेशेवर बताते हुए जांच के लिए उनके नाम व मोबाइल नंबर की लिस्‍ट टीम को सौंप दी है।

एक पेशेवर के साथ प्राधिकरण के दो पहुंचे जेल, तो 50…

अगर लिस्‍ट के यह 50 शिकायतकर्ता जांच में सचमुच श्रवण कुमार की तरह आइजीआरएस को हथियार बनाकर वसूली करने वाले पेशेवर निकले तो प्राधिकरण के कई इंजीनियर, कर्मी व अफसरों की गर्दन फंसना भी तय है। दूसरी ओर शासन ने घूसकांड में फंसे एलडीए के जेई दिनेश कुमार वर्मा को आज निलंबित कर दिया है। इससे पहले साढ़े सात लाख की घूस लेते पकड़े गए पंप ऑपरेटर चंद्र प्रकाश को एलडीए ने शनिवार को अपने स्‍तर से निलंबित किया था। इन दोनों को प्राइवेट व्‍यक्ति श्रवण कुमार के साथ विजिलेंस जेल भेज चुकी है।

24 घंटे में सूचना देंगे

वहीं आज विजिलेंस की टीम ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार से घूसकांड के संबंध जानकारी जुटाने के साथ ही जांच में प्राधिकरण के स्‍तर से सहयोग करने को कहा। जिसपर वीसी ने सहयोग के लिए एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्‍तव की अध्‍यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी है। प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह कमेटी 24 घंटे के अंदर विजिलेंस को हर वह सूचना एवं दस्तावेज उपलब्ध कराएगी, जिसकी जांच में आवश्यकता हो।

भ्रष्‍टाचार-मनमानी करने वालों को नहीं जाएगा बख्‍शा

बहारी लोगों पर शिकंजा कसने के साथ ही उपाध्यक्ष ने आज एलडीए में घूसखोरी, कमीशनबाजी व मनमानी करने वाले अपने मातहत अधिकारी, इंजीनियर व कर्मियों को भी नहीं सुधरने पर सख्‍त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उपाध्‍यक्ष ने मीडिया से कहा है कि भ्रष्टाचार व अन्‍य अनर्गल गतिविधियों में संलिप्तता पाये जाने पर एलडीए के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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श्रवण ने की 40 शिकायतें, कई की फंसेगी गर्दन

सूत्रों के अनुसार एलडीए के जेई व कर्मी के साथ विजिलेंस के हत्‍थे चढ़े श्रवण कुमार ने एलडीए में करीब 40 आइजीआरएस कर जोन पांच के अलावा अन्‍य जोन के भी विभिन्‍न अवैध निर्माणों की शिकायत की थीं। एलडीए ने आज इसकी डिटेल भी विजिलेंस को सौंपी है। विजिलेंस अब इन सभी शिकायतों की गहनता से जांच शुरू कर रही। आशंका है कि जोन पांच के अलावा एलडीए के दूसरे जोन में तैनात इंजीनियर-कर्मी समेत कुछ जोनल अधिकारी भी श्रवण कुमार के साथ वसूली के खेल में शामिल हो सकते हैं।

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इन शिकायतों पर अधिकारी व इंजीनियरों ने क्‍या कार्रवाई की और इनके जरिये किन निर्माणकर्ताओं से अब तक कुल कितने लाख की वसूली की गयी है विजिलेंस की टीम इसकी भी जांच कर रही। इसके अलावा पकड़े गए इंजीनियर, कर्मी व प्राइवेट व्‍यक्ति श्रवण कुमार के बैंक खातों व बेनामी संपत्ति के बारे में भी विजिलेंस ने जांच कर रही।

बड़े अफसर अवैध निर्माण की ठेकेदारी के मास्‍टरमाइंड!

वहीं घूसकांड के पूरी सिंडिकेट की जांच करने वाली विजिलेंस की टीम को यह भी आशंका है कि अवैध निर्माण की ठेकेदारी से होने वाली करोड़ों की वसूली के पीछे एलडीए के कुछ बड़े अधिकारी भी संरक्षणदाता और मास्‍टरमाइंड की भूमिका में हो सकते हैं। टीम ऐसे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही जो अवैध निर्माण पर कार्रवाई कराने की जगह गुमराह करने वाले तरह-तरह के हथकंडे अपना अवैध निर्माण और एलडीए में चलने वाले उसके अर्थशास्‍त्र को  संरक्षण देने में अपना दिमाग खपाते रहते है।

प्राधिकरण देगा महीनेभर की CCTV फुटेज

उपाध्यक्ष ने बताया निर्माण कार्यों को अवैध बताकर आईजीआरएस समेत अन्य माध्यमों से लगातार शिकायत करने वाले टॉप 50 पेशेवर शिकायतकर्ताओं की लिस्‍ट विजिलेंस को दी गयी है। साथ ही विजिलेंस ने घटना वाले दिन (शनिवार) सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच की सीसीटीवी फुटेज मांगी है, जिसे दिया जा रहा। इसके अतिरिक्त बीते एक महीने की सीसीटीवी फुटेज विजिलेंस को अलग से उपलब्ध करायी जा रही, जिससे कि प्रवर्तन में तैनात अभियंताओं व कर्मियों के आसपास फटकने वाले बिचौलियों और अराजक तत्वों को चिन्हित करके कार्रवाई करायी जा सके।

बदले जोनल अधिकारी, स्‍मारक वाले की भी इंट्री

वहीं आज वीसी ने प्रवर्तन के सभी जोन के जोनल अधिकारी बदल दिये हैं। इसी क्रम में एलडीए में पहली बार स्‍मारक समिति के प्रबंधक को भी जोनल अधिकारी बनाया गया है। प्रथमेश कुमार ने घूसकांड वाले जोन पांच के जोनल अधिकारी रवि नन्‍दन सिंह को जोन एक का जोनल अधिकारी बनाया है। इसके अलावा रवि नन्‍दन सिंह से जोन दो का भी चार्ज हटाते हुए उसकी जिम्‍मेदारी जोन एक के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी को सौंपी है।

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इसी क्रम में अतुल कृष्‍ण सिंह को जोन तीन से जोन चार भेजा गया है। जबकि उनकी जगह अब स्‍मारक समिति के प्रबंधक मान सिंह जोन तीन के जोनल अधिकारी बनाए गये हैं। इसके अलावा जोन छह के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह को जोन पांच, विपिन शिवहरे को जोन छह और माधवेश कुमार को जोन सात का जोनल अफसर बनाया गया है।

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