आरयू ब्यूरो, लखनऊ। एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर राजधानी में शनिवार को 69 हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करके नौकरी की मांग की। इस दौरान अभ्यर्थियों ने नारा लगाया ‘योगी बाबा न्याय करो बेरोजगारों को नौकरी दो’। करीब आधा घंटे तक प्रदर्शनकारी मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर बैठकर नारेबाजी करते रहे। उसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने योगी सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में 69 हजार शिक्षकभर्ती मामले की सुनवाई आठ सितंबर को तय है , लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट में उन अभ्यर्थियों का पक्ष नहीं रख रही है जिनकी नियुक्ति के लिए चयन सूची चार साल पहले ही जारी हो चुकी है, जिसके आधार पर 6800 पिछड़े अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलना था।
इस दौरान अभ्यर्थी आशुतोष पटेल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग कोई पैरवी नहीं कर रहा है, जिससे भविष्य खतरे में है। साथ ही कहा की चार साल पहले जो लिस्ट जारी हुई थी विभाग को सरकार की ओर से उसकी पैरवी करना चाहिए था। सरकार के लचर रवैये की वजह से हम लोग अभी तक बेरोजगार घर में बैठे हैं। अगर अधिकारियों की मंशा सही होती तो अब तक नौकरी मिल जाती। मगर अब आंदोलन का दोबारा बिगुल बज चुका है जब तक नियुक्ति नहीं होगी संघर्ष जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ी तो सामूहिक भूख हड़ताल भी करेंगे।
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वहीं एक अभ्यर्थी ने कहा कि योग्य होने के बाद भी छह सालों से भटक रहे हैं। यहां तक कि सीएम योगी से मिलकर अपनी बात रखी थी, जिसके बाद नियुक्ति के लिए पांच जनवरी 2022 को 6800 अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी कर दिया गया था, लेकिन नियुक्ति आज तक नहीं मिली। जाड़ा-गर्मी हो या बरसात मौसम की मार झेलते हुए हम लोग आंदोलन करते हैं। प्रदर्शन करते-करते हमारे कई साथी बीमार पड़ गए मगर रोजगार नहीं मिला।




















