आरयू ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को दूसरे बसपा, लोकदल, एआइएमआएम समेत अन्य दलों से आये पूर्व मंत्री व विधायकों समेत दर्जनों नेताओं को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। इस दौरान सपा सुप्रीमो ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। साथ ही सपा में शामिल होने वाले नए नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि पुरातनपंथी, संकीर्ण सोच और सामंतवादी लोग पीडीए से घबरा गए हैं। सपा चीफ ने कहा कि जैसे-जैसे नए लोग पीडीए से जुड़ रहे हैं, विरोधियों की घबराहट बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा पीडीए को रोकने के लिए न जाने क्या-क्या हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
सपा मुख्यालय में प्रेसवर्ता के दौरान सपा प्रमुख ने पीडीए की नई व्याख्या करते हुए कहा कि अब इसमें प्रोटेस्ट, डीमाॅस्टेशन और ऐक्टिविस्ट वाले लोग भी शामिल हो रहे हैं। इस दौरान अखिलेश तंज कसते हुए कहा कि विरोधियों को पीडीए से “पेट में दर्द” हो रहा है। सपा चीफ ने कहा कि “पीडीए प्रोग्रेसिव है, विजनरी है और लोगों को जोड़ने वाला है। चुनाव में पीडीए जितना गंभीर है, उतना कोई गंभीर नहीं है।”
वहीं यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “भाजपा की सरकार में स्वास्थ्य विभाग वेंटिलेटर पर है।” साथ ही पीडीए ऑडिट का हवाला देते हुए स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही का आरोप लगाया। सपा मुखिया ने दावा किया कि प्रदेश में करीब छह हजार से ज्यादा डॉक्टरों के पद खाली हैं, जबकि नर्सिंग और पैरामेडिकल के करीब 24 हजार पद खाली हैं। करीब 16 हजार की आबादी पर एक डॉक्टर की स्थिति है। अखिलेश ने गोरखपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या कम होने का भी दावा कर कहा कि पूरे यूपी में स्वास्थ्य व्यवस्था की यही स्थिति है।
इस दौरान सपा सुप्रीमो ने अंकित बालियान हत्याकांड का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि अंकित के पिता, मां, पत्नी और परिवार के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने दावा किया कि अंकित को 18 गोलियां मारी गईं। साथ ही सवाल किया गया कि प्रदेश में सरकार किसकी है और लोगों को न्याय कौन देगा। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि ये कोई पहली घटना नहीं है। पीलीभीत, बहराइच और श्रावस्ती समेत कई जगहों पर घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।
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वहीं भाजपा सरकार पर हमला जारी रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में “न तो तानाशाही चलेगी और न ही दानाशाही चलेगी।” साथ ही आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और व्यवस्था से आम लोगों को परेशानी हो रही है और आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
इन नेताओं ने थामा सपा का दामन
अखिलेश यादव के सामने आज पीलीभीत जिले के पूर्व विधायक हेमराज वर्मा, प्रतापगढ़ जिले से पूर्व विधायक राम शिरोमणि शुक्ला, पूर्व मंत्री रतन लाल अहिरवार, जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र सिंह पटेल, जिला पंचायत सदस्य सरिता सैनी, श्यामदुलारी सैनी, राकेश सैनी, शामली से मुकेश सैनी, आकाश सैनी, सागर सैनी, संजय सैनी, जय सिंह सैनी, प्रमोद सैनी, रायबरेली से कमला फाउडेंशन की जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, अहमद अली जाफरी पूर्व नगर पंचायत प्रत्याशी, उमा भूषण पूर्व प्रत्याशी, अयूब खान पूर्व प्रत्याशी, पीलीभीत के रत्नेश गंगवार, प्रियंक गंगवार, डा. आरके मिश्रा, डा.नीतू मिश्रा पूर्व प्रत्याशी, पूर्व प्रत्याशी मनकापुर गोंडा श्याम नारायण कोरी, निगार उस्मानी पूर्व प्रत्याशी, विनोद कोरी, राजिक उस्मानी, सोनू शाह देवी पाटन मंडल, से पूर्व ब्लाक प्रमुख, महेश कन्नौजिया, कमलेश चौरसिया, सुरेन्द्र लोधी, बशीर मोहम्मद, उतरौला बलरामपुर से डा. फराज, सलमान चौधरी, कृश्ण प्रताप सिंह, सऊद अहमद, ईश्वर चंद्र शुक्ला, अंकुश यादव, सुनील पासवान व शानू खान ने अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
सपा में शामिल होने वाले इन नेताओं ने समाजवादी पार्टी को मजबूत करने और 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का संकल्प लिया।




















