पंचायत सहायकों के प्रदर्शन में पहुंचे संजय सिंह ने भाजपा नेताओं से पूछा, “टॉपर नौजवानों को छह हजार की भीख, अपने बच्‍चों से कराएंगे यह नौकरी”

पंचायत सहायकों का प्रदर्शन
पंचायत सहायकों के प्रदर्शन को संबोधित करते आप सांसद।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। अपने अधिकारों को लेकर लड़ाई लड़ रहे पंचायक सहायकों को लगातार राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। आज इसी क्रम में आम आदमी पार्टी ने उन्‍हें खुलकर अपना समर्थन दिया। ईको गार्डेन में चल रहे प्रदर्शन में पहुंचे आप सांसद ने इसका ऐलान करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा। संजय सिंह ने कहा गांव के टॉपरों को मात्र छह हजार की योगी सरकार भीख दे रही है, भाजपा नेता बताएं क्‍या वह अपने बच्‍चों से यह नौकरी कराएंगे।

ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ‘पंचायत सहायक कर्मचारियों’ के बीच पहुंचे संजय सिंह ने आंदोलनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों में 29 विभागों की रीढ़ बनकर काम करने वाले पढ़े-लिखे नौजवानों को मात्र 6,000 रुपये का मानदेय देकर डबल इंजन सरकार उनका खुला शोषण कर रही है। सरकार को शर्म आनी चाहिए कि जो नौजवान अपने गांव का टॉपर है, उसे मजदूरी से भी कम पैसे दिए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पंचायत सहायकों को तत्काल 30,000 रुपये प्रतिमाह का सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।

विधायक-सांसदों को लाखों…

आप नेता ने मानदेय की विसंगति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक या सांसद शपथ लेते ही लाखों रुपये का वेतन, गाड़ी भत्ता, मेडिकल सुविधा और करोड़ों की निधि पाने लगता है। 40 दिन के लिए भी कोई जनप्रतिनिधि बन जाए तो उसे आजीवन पेंशन मिलती है, लेकिन 40 साल तक जनता की सेवा करने वाले कर्मचारियों की पेंशन भाजपा सरकार ने छीन ली। उन्होंने कहा कि गांव के विकास की धुरी बने पंचायत सहायकों को मात्र छह हजार रुपये दिए जाते हैं और वह भी समय पर नहीं मिलता।

सरकार के पास नौजवानों के लिए सिर्फ जुमले

संजय सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार के रोजगार के दावों की पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूंजीपतियों की तिजोरी भरने वाली सरकार के पास नौजवानों के लिए सिर्फ जुमले और धोखा है। हर साल दो करोड़ नौकरी और यूपी में 13 लाख नौकरी देने का वादा करने वाले ‘विश्वगुरु’ नहीं, बल्कि जनता को बेवकूफ बनाने वाले ‘गुरु घंटाल’ साबित हुए हैं। उत्तर प्रदेश में 90 लाख करोड़ के तथाकथित इन्वेस्टमेंट समिट का दावा पूरी तरह झूठा है। उन्होंने कहा कि देश में 43 कंपनियों का 3 लाख 53 हजार करोड़ और बड़े-बड़े उद्योगपतियों का 17 लाख करोड़ रुपया माफ करने के लिए सरकार का खजाना खुला रहता है, लेकिन जब गरीब और मध्यम वर्ग के नौजवानों की बात आती है तो सीमा पर लड़ने के लिए 4 साल की ‘अग्निवीर’ योजना थोप दी जाती है।

दमनकारी नीतियों से न डरें

धरने पर बैठे युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए आप सांसद ने कहा कि यह सरकार आंदोलन को दबाने के लिए अधिकारियों के जरिए दबाव बना रही है और लाठी-मुकदमों से डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “मुझ पर 70 मुकदमे दर्ज किए गए और 183 दिन जेल में रखा गया, लेकिन सच की आवाज को दबाया नहीं जा सका। देश की जेलों की क्षमता साढ़े चार लाख है, जिस दिन 58 हजार पंचायत सहायक जेल जाने को तैयार हो जाएंगे, सरकार के पसीने छूट जाएंगे।” उन्होंने कर्मचारियों से शहीद-ए-आज़म भगत सिंह से प्रेरणा लेकर पूरी तरह शांतिपूर्ण और संगठित रहकर अपनी 30,000 रुपये मानदेय की मांग पर डटे रहने का आह्वान किया।

सत्र शुरू होते उठाएंगे आवाज

संजय सिंह ने पंचायत सहायकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी उनके संघर्ष में हर कदम पर साथ खड़ी है। उन्होंने वादा किया कि संसद का आगामी सत्र शुरू होते ही वह देश के सर्वोच्च सदन में पंचायत सहायकों के मानदेय और उनके अधिकारों की आवाज को पूरी ताकत से उठाएंगे और सरकार को इन युवाओं के हक में फैसला लेने के लिए विवश करेंगे।

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इस मौके पर संजय सिंह के साथ आप के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, महासचिव दिनेश सिंह पटेल, मनोज मिश्रा, वैभव प्रकाश, लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिजवी, सुरभि, प्रेरणा, प्रशांत यादव, नूर सिद्दीकी, वंश बहादुर सिंह, ललित वाल्मीकि, वसीम, अभिषेक प्रताप सिंह, अनित रावत व अन्‍य कार्यकर्ता मौजूद रहे।