ओपी राजभर का दावा 2027 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री

ओपी राजभर

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आज एक बार फिर समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष पर निशाना साधा है। साथ ही दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। साथ ही कहा कि योगी को सीएम  बनने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज से खुश है और सरकार के साथ खड़ी है।

मीडिया से बातचीत कर ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सपा के शासन में दंगे होते थे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में एक भी दंगा नहीं हुआ। राजभर ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश में गैंगवार चलते थे। साथ ही दावा किया कि मौजूदा सरकार में अगर कोई अपराधी अपराध करने की कोशिश करता है तो पुलिस 48 घंटे के अंदर उसे पकड़ लेती है।

यह भी पढ़ें- ओपी राजभर का अखिलेश पर निशाना, जनता के बीच और मुद्दों पर हो राजनीतिक लड़ाई

योगी सरकार की कानून व्यवस्था की सराहना कर ओपी राजभर ने कहा कि आज प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित होकर घूम रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास हुआ है और सरकार के कामकाज को लोग पसंद कर रहे हैं। जनता को लग रहा है कि मौजूदा सरकार अच्छा काम कर रही है। इसी वजह से लोग सरकार के साथ खड़े हैं और 2027 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर सरकार बनने की स्थिति है।

अपने गिरेबान में झांककर देखना…

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर निशाना साधा। लखनऊ में उन्होंने कहा कि आंदोलन करने वाले लोगों को पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए विपक्ष के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाया।

कांग्रेस की मुट्ठी में था चुनाव आयोग

ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले पूरे देश के सिस्टम पर कांग्रेस का कब्जा था। उन्होंने विपक्ष के उस तर्क पर सवाल उठाया, जिसमें चुनाव आयोग पर किसी राजनीतिक दल के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया जा रहा है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उस समय चुनाव आयोग कांग्रेस की मुट्ठी में था और कांग्रेस ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर चुनाव कराया, तो फिर 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कैसे बन गए।

पूरे सिस्टम पर था अखिलेश यादव का कब्जा

सुभासपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार का उदाहरण देते हुए समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी और उनके मुताबिक उस समय पूरे सिस्टम पर अखिलेश यादव का कब्जा था। राजभर ने इसी तर्क को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के प्रभाव में काम करता था, तो अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मिलकर योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री क्यों बनवा दिया।

यह भी पढ़ें- PDA का मतलब बदलने पर ओपी राजभर ने साधा अखिलेश पर निशाना, सपा सुप्रीमो को बताया दलित विरोधी