अखिलेश ने कहा, ‘शान-ए-अवध’ “सस्‍ते में बेच सरकारी आमदनी के साथ किया गया धोखा, डिप्‍टी CM व BJP के विधायक भी उठा चुकें हैं सवाल”

शान-ए-अवध

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। गोमतीनगर विस्‍तार स्थित लखनऊ के ‘कनॉट प्लेस’ के नाम से पहचाने जानें वाले शान-ए-अवध को बेचे जाने की प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। इस बार उत्‍तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ‘शान-ए-अवध’ को सस्‍ते में बेचकर जनता व सरकारी आमदनी के साथ धोखा किया गया है।

अखिलेश यादव ने आज ट्विट कर कहा कि, सपा काल में सरकार की आय बढ़ाने के लिए दिल्ली की आरके एसोसिएट्स द्वारा विशेष आग्रह पर बनाए गए लखनऊ के भव्य सरकारी परिसर ‘शान-ए-अवध’ को आज की अमीरों की हितैषी उत्‍तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने निजी हाथों को सस्ते में बेचकर जनता व सरकारी आमदनी के साथ धोखा किया है।

बतातें चलें कि आज कोई पहली बार शान-ए-अवध को बेचने व उसके दाम को लेकर सवाल नहीं उठें हैं। इससे पहले उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या व भाजपा के ही दो विधायकों ने भी शान-ए-अवध को बेचने में घोटाला किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कि मांग की थी, हालांकि तमाम आरोपों के बाद भी आज तक शान-ए-अवध को बेचने की प्रक्रिया में संदिग्‍ध भूमिका निभाने वाले एलडीए के अफसर व इंजीनियर कि जांच नहीं की गयी।

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केशव मौर्या ने पिछले साल नवंबर में सीएम योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखकर जांच कि मांग की थी। डिप्‍टी सीएम का कहना था कि शान-ए-अवध को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का फैसला हुआ था, लेकिन इसे कॉमर्शियल प्‍लॉट की तरह बेच दिया गया। इसके लिए शासन की सहमति तक नहीं ली गयी। ऑडिट ने भी इसमें वित्‍तीय अनियमितता की रिपोर्ट लगाई है।

वहीं बीते वर्ष सितंबर में एटा जिले की मारहरा विधानसभा से भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी और बदायूं जनपद के शेखूपुर से भाजपा विधायक धर्मेंद्र शाक्‍य ने भी शान-ए-अवध के बिक्री के जांच कि मांग उठाई थी।

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दोनों ही भाजपा विधायकों ने राज्‍य सतर्कता आयोग के अध्‍यक्ष को पत्र लिखकर जांच की मांग करते हुए कहा था कि 500 करोड़ की रिजर्व कीमत वाले शान-ए-अवध को अधिकारियों ने मुंबई की कंपनी को 438 करोड़ में बेच दिया। जिसमें अधिकारियों ने 62 करोड़ का घोटाला किया है। पूरे मामले की गोपनीय जांच के साथ ही एलडीए के अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति कि भी जांच की जाए।

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उल्‍लेखनीय है कि इकाना स्‍टेडियम के करीब गोमतीनगर विस्‍तार में स्थित निर्माणाधीन शान-ए-अवध को मई 2018 में एलडीए ने मुंबई की एक कंपनी को 428 करोड़ में बेच दिया था। इसकी बिक्री नीलामी के तहत की गयी थी, जिसमें खरीदने वाली कंपनी के अलावा मात्र एक अन्‍य कंपनी ने हिस्‍सा लिया था। शान-ए-अवध को एलडीए द्वारा नीलाम किए जाने के बाद से ही इसके बेचने की प्रक्रिया व दाम को लेकर तमाम आरोप लगते रहें हैं, हालांकि जांच नहीं होने के चलते आज भी एलडीए में शान-ए-अवध की बिक्री को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहती हैं।