आरयू ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार द्वारा जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लीज पर दिये जाने को लेकर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। आज सपा सुप्रीमो ने जेपीएनआइसी लीज के पीछे अरबों रूपये की कमीशनखोरी का आरोप योगी सरकार और लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों व इंजीनियरों पर लगाया है। अखिलेश ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही जेपीएनआइसी बेचने में बड़ा घोटाला करने वाले अधिकारियों की भी पूरी जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी।
करीब ढाई से तीन हजार करोड़ की कीमत वाले जेपीएनआइसी को एलडीए द्वारा मात्र छह करोड़ रूपये की सालाना लीज पर दिये जाने को लेकर जहां सवाल उठ रहें। वहीं जेपीएनआइसी में दुनियाभर से सिर्फ तीन ही कंपनियों का दिलचस्पी दिखाना भी इस सवाल को और ज्यादा हवा इसलिए भी दे रहा, क्योंकि एलडीए में तीन निविदा व नीलामी में तीन प्रतिभागी का मतलब आम तौर पर टेंडर, नीलामी और लीज मैनेज माना जाता है।
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सपा मुख्यालय पर गुरुवार को प्रेसवार्ता कर अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार नहीं दुकान है। इसने समाजवादी सरकार में बनाए गए जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल केन्द्र को घोटाला करके बेच दिया है। इसमे कई सौ करोड़ की कमीशनखोरी की गयी है। समय आने पर इस पूरे मामले की जांच होगी और जिन अधिकारियों ने जेपीएनआईसी बेचने में बड़ा घोटाला किया है, उनकी भी पूरी जांच कराई जायेगी।
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मीडिया की भूमिका पर भी उठाएं सवाल
इस दौरान अखिलेश ने पत्रकारों से भी चुटकी लेते हुए कहा कि जो इतनी बड़ी खबर नहीं दिखा रहें उनकी भी जांच होगी, अखिलेश ने मीडिया की भूमिका को लेकर उदाहरण देते हुए कहा कि अगर समाजवादियों से छोटी भी गलती हो जाती है तो उसे बड़ा बनाकर बार-बार दिखाया जाता है, लेकिन आज इतनी बड़ी संपत्ति सामने से चोरी हो गयी और मीडिया से खबरें गायब हैं।
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जेपीएनआईसी को प्राइवेट कंपनी को सौंपने पर अखिलेश ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार कारोबारियों से मिली हुई है। सरकारी संपत्तियों को बेच रही है। भाजपा गरीबों की जेब से पैसा छीनकर अमीरों की तिजोरियां भर रही हैं। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने यह भी कहा कि वह लोग चंदा करके प्राइवेट कंपनी से एक रूपया ज्यादा दे देंगे, लेकिन जेपीएनआइसी उन्हें वापस कर दिया जाये।
यूपी के पूर्व सीएम ने आज एलडीए द्वारा पूर्व में बेची गयी बेशकीमती सरकारी संपत्तियों को लेकर भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले समाजवादी सरकार में बनाए गए किसान बाजार, शाने-अवध, और जनेश्वर मिश्र पार्क के कुछ हिस्से को अपने करीबियों को बेचा। अब जेपीएनआईसी बिल्डिंग भी बेच दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में जब जेपीएनआईसी का शिलान्यास हुआ था तब नेताजी के साथ ही जार्ज फर्नांडीज, मोहन सिंह, बृजभूषण तिवारी समेत कई समाजवादी नेता मौजूद थे।
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अखिलेश ने कहा कि 18 से 20 एकड़ में बनायी गयी इस बिल्डिंग के माध्यम से कोशिश की गयी कि जनता को सुविधा मिले। इसमें बड़ी संख्या में कमरे हैं, आल वेदर हीटेड स्वीमिंग पूल था, आडीटोरियम, दो हजार की क्षमता से बड़ा कन्वेंशन सेंटर, बड़ा हॉल, बैटमिंटन, टेनिस, स्क्वैश कोर्ट, जिम, रेस्टोरेंट था। बिल्डिंग पर हेलीपैड था साथ में बड़ी जगह में सुरक्षित पार्किंग थी।
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सपा सुप्रीमो ने कहा कि आज बाजार भाव के हिसाब से जेपीएनआईसी और उसके पूरे एरिया की कीमत छह हजार करोड़ से ज्यादा की होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जेपीएनआईसी को जितने में बेचा है उतना पैसा तो 30 साल उसकी पार्किंग से आ जाएगा। अगर हिसाब लगाया जाय तो 30 साल में 867 करोड़ रुपया सिर्फ पार्किंग से आ जाएगा। इस सरकार ने जेपीएनआईसी 831 करोड़, शाने-अवध 428 करोड़ में बेचा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की टोल वसूली निजी हाथों में दे दी। एक्सप्रेस वे की री कारपेटिंग में भ्रष्टाचार किया।
भ्रष्टाचार था तो योगी सरकार दस साल…
वहीं योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रियों के आरोपों पर भी आज अखिलेश ने जवाब देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने समाजवादी सरकार को बदनाम करने के लिए जेपीएनआईसी में भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए। अगर भ्रष्टाचार था तो योगी सरकार दस साल तक क्या जांच करती रही। भाजपा अपने लोगों को बेचने के लिए आरोप लगाती रही।
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तो दो फाइव स्टार होटलों के बीच जेपीएनआइसी…
अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कि इस सरकार ने समाजवादी सरकार में बने किसान बाजार को बेच दिया। उसमें अपने स्वजातीय का होटल खुलवा दिया। शहीद पथ पर स्थित प्लासियो मॉल समाजवादी सरकार में बना था। ऐसी बिल्डिंग और बाजार देश में कहीं नहीं है। इस सरकार ने उसे भी बेंच दिया। इसे जब बेचा गया था तब उस समय उपमुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पत्र लिखा था। अगर शाने-अवध प्लासियो मॉल को बेचने में भ्रष्टाचार हो सकता है तो जो जेपीएनआईसी दो फाइव स्टार होटलों के बीच है उसमें कितना भ्रष्टाचार हुआ होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।
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प्रेसवार्ता के अलावा आज अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर योगी सरकार और एलडीए के अधिकारियों के प्रति अपना आक्रोश प्रकट किया। अखिलेश ने अपनी एक पोस्ट में कहा कि कमीशन ही भाजपा का मिशन है। भाजपा हर सौदे में मोटा कमीशन लेकर कोई भी सार्वजनिक संपत्ति बेच सकती है। इसीलिए अब जनता कहने लगी है: जो लूटे जनता की कमाई, वो भाजपाई। लखनऊ में जिस जेपीएनआइसी को 831 करोड़ में सरकार ने प्राइवेट हाथों में बेच दिया है, उससे अधिक तो वो निजी कंपनी केवल पार्किंग से ही कमा लेगी।
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भाजपा की निजीकरण की भ्रष्ट नीति के अन्य शिकार-
– ऐतिहासिक इमारत छतर मंज़िल
– शान-ए-अवध
– लखनऊ के बस स्टैंड
– जनेश्वर मिश्र पार्क कार्यक्रम लॉन बुकिंग
– रिवर फ्रंट का आंशिक हिस्सा
– आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल ठेका
अंत में अखिलेश ने यह भी दावा किया कि भाजपा का बस चले तो भाजपा को ही बेच दे, लेकिन भाजपा की इतनी बदनामी हो चुकी है कि उसका कोई मोल नहीं रह गया है, इसीलिए कोई ख़रीदार ही नहीं मिल रहा है।




















