कोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह को सुनाई सात साल की सजा, दस हजार का लगाया जुर्माना

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आरयू ब्यूरो, लखनऊ। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी और विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह को एमपी एमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अक्षय प्रताप सिंह को फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में सात सालों की सजा सुनाई गई। सजा के साथ ही उन पर दस हजार का जुर्माना भी लगाया गया। अक्षय प्रताप को एक दिन पहले ही न्यायिक हिरासत में लिया गया था।

एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने जनसत्ता दल के प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। वह लगातार तीन बार इस सीट से एमएलसी निर्वाचित होते रहे हैं। हालांकि सजा के ऐलान के बाद यह माना जा रहा है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियन के तहत उनका नामांकन निरस्त हो जाएगा।

प्रतापगढ़ की एमपी एमएलए कोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह को यह सजा सुनाई है। उन्हें सात साल की सजा सुनाए जाने के साथ ही उन पर दस हजार का जुर्माना लगाया गया। इससे पहले उन्हें दोषी करार दिया जा चुका था। वहीं मंगलवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में भी लिया गया था। जिस दौरान अक्षय प्रताप को यह सजा सुनाई गई उस दौरान राजा भैया की मौजूदगी भी वहां पर रही। वहीं इस बीच पूरे कोर्ट परिसर में भारी फोर्स की तैनाती रही।

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बता दें कि फर्जी पते पर लाइसेंस लेने का यह मामला 1997 में सामने आया था। तत्कालीन कोतवाली डीपी शुक्ला की ओर से इस मामले में अक्षय प्रताप पर मुकदमा दर्ज करवाया गया था। जिसके बाद अब इस मामले में कोर्ट ने उन्हें एक दिन के लिए जेल भेजकर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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