धनंजय सिंह शूटआउट केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, अभय-विनीत समेत सभी आरोपितों को किया बरी

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आरयू ब्यूरो, वाराणसी। उत्तर प्रदेश के चर्चित टकसाल सिनेमा शूटआउट केस में बुधवार को वाराणसी की एमपी/एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। धनंजय सिंह और उनके साथियों पर हमला करने वालों को अदालत ने आरोप साबित न होने पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपित विधायक अभय सिंह, एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र ऊर्फ बबलू सिंह, संदीप सिंह उर्फ पप्पू व विनोद सिंह को दोषमुक्त कर दिया।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि चार अक्टूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद व तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह अपने कुछ साथियों के साथ सफारी गाड़ी से अस्पताल में भर्ती पारिवारिक सदस्य को देखकर शाम छह बजे वापस जौनपुर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी सफारी गाड़ी नदेसर क्षेत्र में स्थित टकसाल सिनेमा हाल के समीप पहुंचे, तभी पहले से वहां मौजूद अभय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी और बोलेरो गाड़ी से उतरे और जान से मारने की नियत से धनंजय सिंह के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे।

आत्मरक्षार्थ उनके गनर ने गोली चलाना शुरू कर दिया। इसी दौरान मौके पर पुलिस की गाड़ी आ गई तो अभय सिंह और उसके साथी अपनी गाड़ी से कचहरी की तरफ भाग निकले। इस हमले में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह, गनर वासुदेव पांडेय, ड्राइवर दिनेश कुमार गुप्ता समेत अन्य लोग घायल हो गए। वहीं अचानक गोलियां चलने से वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने धनंजय सिंह और उसके साथियों को इलाज के लिए मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

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इस मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह एवं अन्य के खिलाफ कैंट थाना में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। कैंट पुलिस ने विवेचना पूरी करके अभय सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र सिंह उर्फ बबलू, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह तथा वर्तमान में एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के खिलाफ 14 दिसंबर 2002 को अदालत में आरोपपत्र प्रेषित कर दी। घटना के समय धनंजय सिंह रारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे।

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