ऑडिट रिपोर्ट विवाद: केजरीवाल का PM मोदी पर हमला, जब आप कर रहे थे चुनावी रैली, तब मैं कर रहा था ऑक्सीजन का इंतजाम, सिसोदिया ने भी साधा निशाना

केजरीवाल

आरयू वेब टीम। भाजपा और दिल्ली सरकार के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट विवाद को लेकर सीएम केजरीवाल ने शुक्रवार को सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधा है। ऑक्सीजन ऑडिट पैनल के ऑक्सीजन की जरूरत चार गुना बढ़ाकर दिखाए जाने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप चुनावी रैली कर रहे थे तब मैं लोगों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम कर रहा था।

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि ‘मेरा गुनाह,-मैं अपने दो करोड़ लोगों की सांसों के लिए लड़ा, जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रातभर जगकर ऑक्सीजन का इंतजाम कर रहा था। लोगों को ऑक्सीजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया। लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है।’

वहीं दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा के आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं। उन्होंने यह पलटवार भी किया कि कथित रिपोर्ट भाजपा मुख्यालय में तैयार की गई है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के अपनी ऑक्सीजन की जरूरत को बढ़ाने के दावे पर कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित ‘ऑक्सीजन ऑडिट पैनल’ के सदस्यों ने किसी भी रिपोर्ट को हरी झंडी नहीं दी है। देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली के ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ा-चढ़ा कर बताने का दावा करने वाली रिपोर्ट भाजपा ने तैयार की है, उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित ‘ऑक्सीजन ऑडिट पैनल’ ने नहीं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। हमने उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ के सदस्यों से बात की है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी रिपोर्ट पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। भाजपा झूठी रिपोर्ट पेश कर रही है, जो उसकी पार्टी मुख्यालय में तैयार की गई है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि ऐसी रिपोर्ट पेश करें, जिस पर ‘ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी’ के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हों।’’

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उन्होंने कहा कि ऐसा करके भाजपा केवल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का अपमान नहीं कर रही, बल्कि ‘‘उन लोगों का भी अपमान कर रही है जिन्होंने कोरोना वायरस के कहर के प्रकोप के दौरान अपने परिवार वालों को खो दिया। ’’उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार के कुप्रबंधन के कारण ही ‘‘ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न हुआ था।’’ दिल्ली में अप्रैल तथा मई में कोविड-19 की दूसरी लहर का बहुत बुरा असर हुआ था। इस दौरान शहर के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण रोजाना कई लोगों की मौत हुई थी।

बता दें कि, भाजपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत से चार गुना अधिक मांग की थी और उनके इस ‘‘झूठ’’ के कारण कम से कम 12 राज्यों में जीवन रक्षक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई। उच्चतम न्यायालय द्वारा दिल्ली में ऑक्सीजन का लेखाजोखा करने के लिए गठित की गई एक समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ‘‘चार गुना झूठ’’ बोलकर ना सिर्फ ‘‘जघन्य अपराध’’ किया बल्कि ‘‘आपराधिक लापरवाही’’ की है।

संबित पात्रा ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दूसरी लहर के दौरान जब संक्रमण के मामले चरम पर थे तब दिल्ली सरकार ने 1,140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग की थी, जबकि वह 209 मीट्रिक टन का भी इस्तेमाल नहीं कर पायी थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के फार्मूले के मुताबिक भी देखा जाए तो उसे 351 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी जबकि केंद्र सरकार के आकलन के मुताबिक जरूरत 209 मीट्रिक टन की थी और केजरीवाल सरकार ने 1,140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता जताई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘कल्पना कीजिए, किस प्रकार का अपराध हुआ है। यह अरविंद केजरीवाल का जघन्य अपराध है। यह आपराधिक लापरवाही है जैसा कि समिति ने कहा है कि उन्होंने चार गुना अधिक ऑक्सीजन की मांग की थी। इस रिपोर्ट ने कोविड-19 के प्रबंधन में विफल होने पर दोष दूसरे पर मढ़ने की राजनीति का पर्दाफाश कर दिया है।’’