यूपी में भारी बारिश का अलर्ट जारी, बिजली गिरने की आशंका

मौसम विभाग

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के  अनुसार 21 अगस्त को पश्चिमी यूपी के सहानरपुर, एटा, मेरठ और अलीगढ़ समेत कई जिलों में गरज- चमक और बिजली गिरने की आशंका के साथ भारी बारिश हो सकती है।

वहीं मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली समेत कई जिलो में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। साथ ही मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 21 अगस्त की सुबह 11:30 बजे तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख दक्षिणी जिलों प्रयागराज, कौशाम्बी, चित्रकूट और बांदा में कम से मध्यम स्तर का अचानक बाढ़ आने का जोखिम है। लगातार बारिश से मिट्टी में पानी का जमाव, निचले इलाकों में जलभराव और सतही जल-बहाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इसके अलावा यूपी में गंगा, यमुना, घाघरा, गोमती समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश के कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 13 जिलों के करीब 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इससे 84,362 से ज्यादा आबादी और 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। बाढ़ प्रभावित जिलों में बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं।

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इस दौरान वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास के इलाकों में पानी पहुंच गया है। घाट किनारे बने सौ से ज्यादा मंदिरों में भी पानी घुस गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के श्मशान क्षेत्रों तक पानी पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार घाट के ऊपरी हिस्से में कराया जा रहा है। नमो घाट भी पानी में डूब गया है। दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां जलमग्न होने के कारण गंगा आरती छत से कराई जा रही है। गंगा का बढ़ता जलस्तर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ा रहा है।

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