वरुण विहार व नैमिष नगर के लिए LDA बैंक से लेगा एक हजार करोड़ का लोन, बोर्ड ने योजनाओं के ले-आउट के साथ दी मंजूरी

एलडीए बोर्ड बैठक
बोर्ड बैठक करते कमिश्‍नर साथ में एलडीए के अफसर व अन्‍य।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। अपने कार्यालय व क्षेत्र से लेकर शहरभर में नगर निगम व अन्‍य विभागों के क्षेत्रों में भी विकास कार्यों व तरह-तरह की हरियाली-लाइटिंग के नाम पर हर महीने अरबों रुपये खर्च करने वाला एलडीए अब अपनी योजना चलाने के लिये एक हजार करोड़ का बैंक से लोन लेगा।

ब्‍याज पर लिया गया यह पैसा वरुण विहार व नैमिष नगर योजना के विकास कार्य पर खर्च किया जायेगा। हालांकि एलडीए लोन के एवज में हर साल कितने करोड़ बैंक को देगा इसका खुलासा अधिकरियों ने फिलहाल नहीं किया है, जानकारों की मानें तो नौ प्रतिशत के रेट पर हजार करोड़ का लोन लेने पर प्राधिकरण बैंक को करीब 90 करोड़ रुपया हर साल अदा करेगा।

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आज मंडलायुक्‍त विजय विश्‍वास पंत की अध्‍यक्षता में हुई लखनऊ विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में वरुण विहार व नैमिष नगर योजना के फेज-2 के ले-आउट प्लान के साथ ही लोन लेने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दी गयी है। बैठक में ले-आउट प्लान अनुमोदन के साथ ही इन योजनाओं की कृषि क्षेत्र की जमीन का भू-उपयोग आवास के लिए परिवर्तित किए जाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।

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बैठक के बाद सोमवार रात साढ़े दस बजे एलडीए की ओर से जारी एक प्रेस नोट में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मीडिया से कहा कि वरुण विहार व नैमिष नगर योजना का फेज-2 विकसित किया जायेगा। इन योजनाओं में विकास कार्यों के लिए बैंक ऑफ इंडिया की इमर्जिंग कॉरपोरेट क्रेडिट ब्रांच से 1000 करोड़ रुपये के लोन का भी इस्तेमाल आवश्यकतानुसार एलडीए करेगा।

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वहीं प्रबंध नगर योजना में न्यायलय भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, लखनऊ मंडल द्वारा 28 सितंबर 2026 के अनुसार प्रतिकर की दर का निर्धारण किसानों द्वारा प्रस्तुत समझौते के आधार पर पारित आदेशानुसार भुगतान किये जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव पर बोर्ड द्वारा निर्देश दिए गए कि एलडीए के अग्रिम आदेश को ध्यान में रखते हुए एनजीटी आदि सभी मुकदमों का उल्लेख करते हुए समाधान के उपरांत मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत वित्त पोषण करने के लिए शासन से अनुरोध किया जाये। यदि किसी कारणवश शासन से इसकी योजना की स्वीकृति नहीं प्राप्त होती है तो क्रियान्वन हेतु एलडीए उपाध्यक्ष को अधिकृत किये जाने के निर्देश बोर्ड द्वारा दिए जायेंगे।

बड़े जमीन मालिक-इन्‍वेस्‍टर की लगी लॉट्री!   

बैठक में मंडलायुक्‍त ने आवासीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्राधिकरण को लैंड पूलिंग नीति के तहत अपनी जमीन देने वाले भूमि-स्वामियों को कई गुना अधिक लाभ होगा। इसके तहत आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना के अंतर्गत लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि के सापेक्ष जमीन मालिकों 50 प्रतिशत अविकसित भूमि वापस की जाएगी।

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एलडीए द्वारा भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अर्बन चैलेंज फंड योजना के अंतर्गत वरुण विहार टाउनशिप परियोजना, कैलाश कुंज कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास, पत्रकारपुरम में पार्किंग, हनुमान सेतु स्थित सार्वजानिक पुस्तकालय तथा कानपुर रोड पर ईडब्ल्यूएस सेक्टर-जी से संबंधित परियोजनाओं के प्रस्‍तावों को बोर्ड में मंजूरी मिली है।

इसके अलावा प्रियदर्शिनी योजना, नन्दाखेड़ा कॉम्प्लेक्स और तालकटोरा रोड, ऐशबाग के लेआउट (तलपट मानचित्र) में संशोधन और पुनर्नियोजन के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने हरि झंडी दी है।

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वीसी ने कहा कि अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में नियमानुसार कार्य कराया जा रहा। इसके अलावा इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 व 2014 तथा यूपी टाउनशिप नीति-2023 के लिए डी.पी.आर. संशोधन एवं परियोजनावधि में विस्तार करने के प्रस्ताव में विचार-विमर्श किया गया।

बोर्ड बैठक में कमिश्‍नर व वीसी के अलावा एलडीए सचिव सुशील प्रताप सिंह, अपर  सचिव सी.पी. त्रिपाठी, अंडर ट्रांसफर अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, वित्‍त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह, अंडर ट्रांसफर मुख्य नगर नियोजक के.के. गौतम, प्राधिकरण बोर्ड मेंबर पी.एन. सिंह व पुष्कर शुक्ला समेत अन्य अधिकारी व इंजीनियर मौजूद रहे।

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