SIR-ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च में उमड़ा जनसैलाब, नेहा बोरा-प्रियंका गांधी की ढाल बने राहुल गांधी

विपक्ष का मार्च
विपक्ष के मार्च में उमड़ा जनसैलाब।

आरयू वेब टीम। एसआइआर, वोट चोरी पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे व शनिवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बर्रबर हमले को लेकर सोमवार को इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। विपक्ष के इस मार्च में लोगों का जबरदस्त जनसैलाब उमड़ा। जहां लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मार्च में आगे चल रहीं प्रियंका गांधी और नेहा बोरा की ढाल बनते नजर आए।

दरअसल इस मार्च के दौरान एक पल ऐसा आया जब, कुछ लोग राहुल-प्रियंका की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि सुरक्षाबल और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान राहुल गांधी भी प्रियंका गांधी और नेहा बोरा की ढाल बन गए। जब भी पीछे से धक्का आता है, वह संभालने की कोशिश करते। वहीं इंडिया ब्लॉक ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के मामले और एसआइआर से जुड़े अपने आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इस ऐतिहासिक याचिका में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मुख्य याचिकाकर्ता बनाया गया है। उनके अलावा विपक्षी गठबंधन के दस अन्य वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं ने भी इस कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं।

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इस मार्च में राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार के साथ कई राज्यों के पूर्व सीएम समेत भारी संख्‍या में लोग मौजूद रहे।

200 वरिष्ठ अधिकारी हमारे संपर्क में

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने से ठीक पहले कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में आयोजित एक तीखे प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं और सो नहीं पा रहे हैं। केंद्र सरकार के कम से कम 200 वरिष्ठ अधिकारी हमारे संपर्क में हैं और हमें अंदर की जानकारी दे रहे हैं। यहां तक कि जो पुलिस और सुरक्षाकर्मी हमें रोकने के लिए तैनात किए गए हैं, उनमें से आधे लोग भी जानते हैं कि यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है। ज्ञानेश कुमार को मेरा सीधा संदेश है- आप इस्तीफा दें और सरकारी गवाह बन जाएं, क्योंकि इस पूरी ‘वोट चोरी’ का असली मास्टरमाइंड कोई और है।”

बीजेपी चुनाव आयोग के साथ मिलकर खत्म करना चाहती है लोकतंत्र: अखिलेश

इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “आंदोलन और धरना प्रदर्शन लगातार चलता रहेगा। हमारी जिम्मेदारी लोकतंत्र को बचाने की है और बीजेपी चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान और लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है, हमेशा के लिए सरकार में रहना चाहती है…सरकार हमारी बात सुने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटा देना चाहिए…बीजेपी को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए…हमारा संघर्ष लगातार चलता रहेगा।

पूरे देश के लोगों में गुस्सा है: सीपीआइ महासचिव डी. राजा

वहीं मार्च के दौरान सीपीआइ महासचिव डी. राजा ने कहा, “दिल्ली ने ऐसा विरोध प्रदर्शन पहले कभी नहीं देखा। पूरे देश के लोगों में गुस्सा है। जिस तरह से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने हुए हैं, वह लोगों को मंज़ूर नहीं है क्योंकि उनके नेतृत्व में चुनाव आयोग ने संविधान के तहत तय संवैधानिक संस्था के तौर पर काम नहीं किया है। इसलिए लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा है। अमित शाह ने भी कुछ नहीं कहा है। उन्हें लगता है कि वे सुरक्षाबलों का इस्तेमाल करके लोगों के इस आंदोलन को दबा सकते हैं। ऐसा नहीं होगा।

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